मुंबई: महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना में लाभार्थियों के लिए नियम सख्त हो गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने साफ किया है कि हर लाभार्थी को हर साल आधार-आधारित ई-केवाईसी कराना अनिवार्य होगा, और जिन महिलाओं ने ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, उनकी मासिक किस्त रोकी जा सकती है। राज्य भर में चले बड़े वेरिफिकेशन अभियान के बाद योजना में अब करीब डेढ़ करोड़ महिलाएं लाभ पा रही हैं, जबकि पहले यह संख्या 2.43 करोड़ के शिखर पर पहुंची थी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि योजना तब तक जारी रहेगी, जब तक मौजूदा सरकार सत्ता में है, और पात्र महिलाओं की राशि नहीं रुकनी चाहिए।
मुख्य बातें
- पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1,500 सीधे आधार-लिंक बैंक खाते में मिलते हैं (DBT)।
- 2026 में हुए वेरिफिकेशन में 60 लाख से अधिक महिलाओं ने ई-केवाईसी पूरी नहीं की, जिस वजह से उनकी सूची से नाम हटे या किस्त रुकी।
- लाभार्थियों की संख्या 2.43 करोड़ से घटकर लगभग 1.5 करोड़ रह गई है।
- 2026-27 के बजट में योजना के लिए ₹26,500 करोड़ का प्रावधान रखा गया है; ₹2,100 की वृद्धि का वादा अभी लागू नहीं हुआ।
- नए आवेदन फिलहाल बंद हैं — केवल पुरानी लाभार्थियों का वेरिफिकेशन जारी है।

लाडकी बहिन योजना क्या है?
मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी महिला कल्याण योजना है, जिसे 2024 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य राज्य की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर महीने नियमित आर्थिक सहायता देकर उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक सुरक्षा देना है। सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी जाती है। महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने आश्वासन दिया है कि तकनीकी चूक की वजह से कोई भी पात्र महिला लाभ से वंचित नहीं रहेगी।
योजना का संक्षिप्त विवरण
| योजना | मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना |
| राज्य | महाराष्ट्र |
| राशि | ₹1,500 प्रति माह (DBT) |
| उम्र सीमा | 21 से 65 वर्ष |
| आय सीमा | परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम |
| आधिकारिक वेबसाइट | ladakibahin.maharashtra.gov.in |
कौन पात्र है? (पात्रता)
- महाराष्ट्र की स्थायी निवासी महिला होनी चाहिए।
- आयु 21 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- परिवार की कुल वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- विवाहित, विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता या निराश्रित महिला पात्र है; एक परिवार से केवल एक अविवाहित महिला लाभ ले सकती है।
- बैंक खाता आधार से लिंक होना अनिवार्य है।
- महिला किसी अन्य योजना से ₹1,500 या उससे अधिक मासिक सहायता न ले रही हो।
कौन अपात्र है? (अपात्रता)
- परिवार की आय ₹2.5 लाख से अधिक होने पर।
- परिवार का कोई सदस्य आयकरदाता हो तो।
- सरकारी कर्मचारी, बोर्ड/निगम के नियमित या ठेका कर्मचारी के परिवार के सदस्य।
- परिवार के नाम पर चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) पंजीकृत हो तो — वेरिफिकेशन में करीब 5 लाख ऐसे मामले पकड़े गए।
- आयु 65 वर्ष से अधिक या पुरुष लाभार्थी (करीब 29,000 पुरुषों के नाम भी हटाए गए)।
- ई-केवाईसी पूरी न करने वाली महिलाएं — करीब 62 लाख नाम सिर्फ इसी कारण हटाए गए।

ई-केवाईसी कैसे करें? (Step-by-Step)
सरकार ने ई-केवाईसी प्रक्रिया हर साल अनिवार्य की है ताकि फर्जी दावों को रोका जा सके और सहायता सिर्फ पात्र महिलाओं तक पहुंचे। नीचे दी गई तालिका से पूरी प्रक्रिया समझें:
| तरीका | कहां करें | क्या चाहिए |
| वेबसाइट से ऑनलाइन ई-केवाईसी | ladakibahin.maharashtra.gov.in पर e-KYC विकल्प | आधार नंबर, आधार-लिंक मोबाइल पर OTP |
| मोबाइल ऐप/फॉर्म से | सरकारी ऐप या सेतु सुविधा केंद्र | आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण |
| सुधार/अपडेट | वही पोर्टल — नाम, पता, आय प्रमाण पत्र पुनः सत्यापित करें | सही दस्तावेजों की स्कैन कॉपी |

अपनी किस्त का स्टेटस कैसे चेक करें?
- आधिकारिक वेबसाइट ladakibahin.maharashtra.gov.in खोलें।
- “लाभार्थी स्थिति” या “DBT Status” विकल्प पर क्लिक करें।
- अपना आधार नंबर या पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करें।
- स्क्रीन पर आपकी किस्त की स्थिति और भुगतान का विवरण दिख जाएगा।
- किसी दिक्कत पर हेल्पलाइन 181 पर संपर्क करें।
नियम तोड़ने के नतीजे
सरकार ने वसूली को लेकर भी स्थिति साफ की है। मुख्यमंत्री के अनुसार गलत जानकारी देकर लाभ लेने वालों से पैसा वापस लिया जाएगा, लेकिन यह वसूली केवल पुरुष लाभार्थियों और सरकारी कर्मचारियों से होगी — आम महिलाओं से वसूली नहीं की जाएगी। गलत या फर्जी दावा पकड़े जाने पर लाभार्थी सूची से नाम स्थायी रूप से हटाया जा सकता है और भविष्य में किसी सरकारी योजना का लाभ भी बंद हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न: लाडकी बहिन योजना में हर महीने कितनी राशि मिलती है?
उत्तर: पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1,500 सीधे बैंक खाते में मिलते हैं। ₹2,100 की वृद्धि का वादा अभी लागू नहीं हुआ है।
प्रश्न: ई-केवाईसी कितनी बार करानी होती है?
उत्तर: सरकार के नियम के अनुसार ई-केवाईसी हर साल कराना अनिवार्य है। बिना ई-केवाईसी मासिक किस्त रोक दी जाती है।
प्रश्न: क्या नए आवेदन अभी खुले हैं?
उत्तर: नहीं, नए आवेदनों की विंडो फिलहाल बंद है। केवल पुराने लाभार्थियों का वेरिफिकेशन जारी है।
प्रश्न: एक परिवार से कितनी महिलाएं लाभ ले सकती हैं?
उत्तर: एक परिवार से एक विवाहित और एक अविवाहित महिला लाभ ले सकती है, बशर्ते अन्य सभी पात्रता शर्तें पूरी हों।
प्रश्न: चार पहिया वाहन होने पर क्या होगा?
उत्तर: परिवार के नाम पर चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर छोड़कर) होने पर महिला अपात्र मानी जाती है। वेरिफिकेशन में करीब 5 लाख ऐसे मामले हटाए गए हैं।
प्रश्न: किस्त न आने पर कहां शिकायत करें?
उत्तर: आधिकारिक पोर्टल ladakibahin.maharashtra.gov.in पर स्थिति जांचें या हेल्पलाइन 181 पर संपर्क करें।
निष्कर्ष: लाडकी बहिन योजना महाराष्ट्र की करोड़ों महिलाओं की आर्थिक रीढ़ बन चुकी है, लेकिन सरकार की सख्ती भी बढ़ गई है — समय पर ई-केवाईसी ही किस्त की गारंटी है।
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