जरूरी सूचना: अगर आपकी सैलरी से PF कटता है, तो आपको ₹7 लाख तक का जीवन बीमा बिल्कुल फ्री मिलता है — प्रीमियम आपकी कंपनी देती है, आपकी सैलरी से एक रुपया भी नहीं कटता। आज ही e-Nomination UAN पोर्टल पर अपडेट करें, नहीं तो आपके परिवार को क्लेम लेने में मुश्किल होगी।
नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने PF खाताधारकों को Employees’ Deposit Linked Insurance (EDLI) Scheme के तहत ₹2.5 लाख से ₹7 लाख तक का मुफ्त जीवन बीमा कवर देता है। कर्मचारी को कोई प्रीमियम नहीं देना पड़ता; योगदान नियोक्ता करता है, कवर ऑटोमैटिक मिलता है। नौकरी के दौरान मृत्यु हो जाए, तो नामांकित व्यक्ति या कानूनी वारिस को एकमुश्त राशि दी जाती है।
मुख्य बातें
- ₹7 लाख तक फ्री बीमा: न्यूनतम ₹2.5 लाख, अधिकतम ₹7 लाख — कर्मचारी से कोई प्रीमियम नहीं।
- 16 सितंबर 2026 को कैबिनेट ने EPFO वेज सीलिंग ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 की; 17 सितंबर 2026 से लागू।
- प्रिमियम कौन देगा: कंपनी basic salary + DA का 0.5% (अधिकतम ₹75 महीना) देती है।
- क्लेम फॉर्म: नामांकित व्यक्ति Form-5 IF जमा करे; मृत्यु से पहले 12 महीने नौकरी में होना जरूरी।
- e-Nomination जरूरी: UAN पोर्टल पर नामांकित व्यक्ति जरूर जोड़ें — बिना नॉमिनी के क्लेम में देरी होती है।
योजना की जानकारी एक नजर में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| योजना | Employees’ Deposit Linked Insurance (EDLI) — EPFO |
| लागू क्षेत्र | पूरे भारत (EPF & MP Act, 1952 के तहत आने वाले नियोक्ता) |
| बीमा राशि | ₹2.5 लाख से ₹7 लाख तक |
| कर्मचारी का प्रीमियम | ₹0 — पूरा प्रीमियम नियोक्ता देता है |
| आयु सीमा | कोई अलग सीमा नहीं; सक्रिय EPF सदस्य जरूरी |
| आय सीमा (वेज सीलिंग) | ₹25,000 महीना (17 सितंबर 2026 से) |
| आधिकारिक वेबसाइट | epfindia.gov.in |
योजना क्या है
EDLI 1976 से चल रही सामाजिक सुरक्षा योजना है, जो EPF खाते से जुड़ी है। अलग आवेदन की जरूरत नहीं — नियोक्ता का योगदान जारी रहते ही कर्मचारी ऑटोमैटिक बीमा कवर में रहता है। राशि की गणना मृत्यु से पहले के 12 महीनों की औसत basic salary + DA पर होती है: 35 गुना औसत वेतन + पिछले 12 महीनों के औसत PF बैलेंस का 50% (अधिकतम ₹1.75 लाख)। गणना चाहे जितनी निकले, अधिकतम ₹7 लाख ही मिलता है — सितंबर 2026 की वेज सीलिंग वृद्धि के बाद भी EPFO के FAQ के अनुसार भुगतान सीमा ₹7 लाख ही है।
पात्रता
- EPF के सक्रिय सदस्य हों — जिनकी सैलरी से PF कटता हो।
- नियोक्ता EPF & MP Act, 1952 के तहत EPFO से जुड़ा हो।
- मृत्यु नौकरी के दौरान (in-service) हुई हो।
- छूट प्राप्त (exempted) संस्थानों के कर्मचारी को नियोक्ता की स्वीकृत ग्रुप इंश्योरेंस स्कीम से लाभ मिलता है।
- पिछले 12 महीनों में नौकरी बदली हो, तब भी पात्रता बनी रहती है।
अपात्रता
- नौकरी छोड़ चुके कर्मचारी का परिवार क्लेम नहीं कर सकता।
- रिटायरमेंट के बाद या सदस्यता समाप्ति के बाद मृत्यु पर लाभ नहीं।
आवश्यक दस्तावेज
- Death Certificate और क्लेम फॉर्म Form-5 IF (नियोक्ता से सत्यापित; नियोक्ता न हो तो राजपत्रित अधिकारी/मजिस्ट्रेट से)।
- नामांकित व्यक्ति का आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण (रद्द चेक)।
- नाबालिग नॉमिनी हो तो अभिभावक द्वारा क्लेम पर guardianship certificate।
- नॉमिनी न होने पर सभी कानूनी वारिसों के हस्ताक्षर और succession certificate।
e-Nomination कैसे करें
| चरण | कहां करें | क्या चाहिए |
|---|---|---|
| 1. UAN पोर्टल खोलें | unifiedportal-mem.epfindia.gov.in | UAN नंबर, पासवर्ड |
| 2. Manage > e-Nomination चुनें | Member डैशबोर्ड | सक्रिय UAN |
| 3. नॉमिनी का विवरण भरें | e-Nomination फॉर्म | नॉमिनी का आधार, जन्मतिथि |
| 4. Aadhaar OTP से e-sign करें | पोर्टल पर | आधार से लिंक मोबाइल |
क्लेम कैसे करें और स्टेटस कैसे चेक करें
मृत्यु के बाद नामांकित व्यक्ति Form-5 IF नियोक्ता के सत्यापन के साथ EPFO कार्यालय में जमा करे। EPFO डिजिटल सेटलमेंट भी देता है — क्लेम डिजिटल प्लेटफॉर्म से जमा और निपटाया जा सकता है। राशि एकमुश्त नामांकित व्यक्ति के बैंक खाते में भेजी जाती है। क्लेम की स्थिति epfindia.gov.in के Claim Status पोर्टल पर UAN से देखी जा सकती है।
नियम तोड़ने के नतीजे
- नियोक्ता का EDLI में योगदान न करना कानूनन दंडनीय — EPF Act के तहत कार्रवाई।
- क्लेम में फर्जी दस्तावेज पर दावा रद्द और कानूनी कार्रवाई।
- नॉमिनी न बनाने पर succession certificate जैसी लंबी प्रक्रिया — भुगतान में देरी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या अलग से आवेदन करना होगा?
नहीं। EPF सदस्यता के साथ कवर ऑटोमैटिक मिलता है।
2. सैलरी से प्रीमियम कटता है क्या?
नहीं। पूरा प्रीमियम (basic + DA का 0.5%, अधिकतम ₹75 महीना) कंपनी देती है।
3. नौकरी बदलने पर कवर रहेगा?
हां। मृत्यु से पहले 12 महीनों में अलग-अलग कंपनियों में काम किया हो, तब भी क्लेम मिलेगा।
4. अधिकतम कितनी राशि?
वर्तमान में अधिकतम ₹7 लाख, न्यूनतम ₹2.5 लाख।
5. वेज सीलिंग बढ़ने का फायदा क्या?
सितंबर 2026 से ₹25,000 सीलिंग होने से अधिक वेतन वाले भी कवर में; भुगतान सीमा ₹7 लाख ही रहेगी।
अंत में: PF सिर्फ रिटायरमेंट की बचत नहीं — यह आपके परिवार का मुफ्त सुरक्षा कवच भी है। आज ही UAN पोर्टल पर अपना नॉमिनी चेक करें।
स्रोत: मूल खबर