EPF Wage Limit 25000: केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा ₹15,000 प्रति माह से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह कर दी है। कैबिनेट ने यह फैसला 16 सितंबर 2026 को मंजूर किया और नई सीमा 17 सितंबर 2026 से लागू हुई। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की PIB विज्ञप्ति के अनुसार यह सीमा सितंबर 2014 के बाद पहली बार बदली है।
अब तक जिन लोगों की तनख्वाह ₹15,000 से ऊपर थी, उन्हें नौकरी में आते समय अपने आप PF के दायरे में नहीं गिना जाता था। नई सीमा के बाद ₹15,000 से ₹25,000 के बीच कमाने वाले भी अनिवार्य कवरेज के लिए पात्र होंगे। इसका असर आपकी सैलरी स्लिप, PF खाते और पेंशन तीनों पर पड़ सकता है।
इस लेख में हम आधिकारिक विज्ञप्ति के आधार पर बताते हैं कि क्या पक्का है और क्या रिपोर्ट्स या अनुमान है। सारी जानकारी 29 सितंबर 2026 तक की है।
सीधा जवाब
EPF की अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़कर ₹25,000 हो गई है, और यह 17 सितंबर 2026 से लागू है। इसमें कर्मचारी और कंपनी दोनों का योगदान 12% ही रहेगा, बदली है वह वेतन सीमा जिस पर हिसाब लगता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार श्रम मंत्रालय ने कंपनियों से कहा है कि वे बढ़े हुए खर्च की भरपाई के लिए कर्मचारियों का तय वेतन नहीं घटा सकतीं। अपनी अगली सैलरी स्लिप में PF की कटौती और कंपनी का योगदान जरूर जांचें।
आधिकारिक रूप से क्या पक्का है
श्रम मंत्रालय की PIB विज्ञप्ति (16 सितंबर 2026) के अनुसार:
- EPFO की अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा ₹15,000 से ₹25,000 प्रति माह की गई है।
- यह 17 सितंबर 2026 से लागू हुई, विश्वकर्मा जयंती और सेवा दिवस के मौके पर।
- मंत्री ने कहा कि सीमा सितंबर 2014 से नहीं बदली थी, जबकि वेतन, न्यूनतम मजदूरी और रहन-सहन का खर्च बढ़ चुका है।
- ₹15,000 से ₹25,000 वेतन वाले कर्मचारी अब अनिवार्य कवरेज के पात्र होंगे। इससे उन्हें EPF, कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) और कर्मचारी जमा-आधारित बीमा योजना (EDLI) का लाभ मिलेगा। यह “लागू वैधानिक और योजना प्रावधानों के अनुसार” होगा।
- सरकार पर सालाना खर्च करीब ₹11,339 करोड़ बताया गया है (मौजूदा बजट सहायता लगभग ₹10,250 करोड़ के मुकाबले), और पांच साल में करीब ₹56,696 करोड़।
- विज्ञप्ति के अंत में लिखा है कि श्रम मंत्रालय और EPFO लागू करने के लिए जरूरी वैधानिक और प्रशासनिक कदम उठाएंगे। यानी अमल के ब्योरे आगे और आ सकते हैं।
रिपोर्ट्स में क्या है, पर मैं मूल दस्तावेज नहीं देख सका
- गजट अधिसूचना: कई रिपोर्ट्स के अनुसार सीमा S.O. 5109(E), दिनांक 17 सितंबर 2026 की अधिसूचना से लागू हुई है, जो सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के अध्याय III के तहत है। मैंने मूल गजट नहीं खोला।
- वेतन न घटाने का निर्देश: कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मंत्रालय ने नियोक्ताओं से कहा है कि बढ़ी हुई कंपनी-हिस्सेदारी कर्मचारियों का वेतन घटाकर वसूल नहीं की जा सकती। रिपोर्ट्स में यह भी है कि इसे CTC में गिनाकर कर्मचारी की कटौती नहीं बनाया जा सकता। मैंने इस निर्देश का मूल दस्तावेज नहीं देखा।
- कितने नए कर्मचारी आएंगे: ज्यादातर रिपोर्ट्स सरकार के हवाले से “51 लाख से ज्यादा” बताती हैं। एक रिपोर्ट “1 करोड़ से ज्यादा” लिखती है। जो PIB विज्ञप्ति मैंने पढ़ी, उसमें यह संख्या नहीं है। इसलिए कोई एक संख्या पक्की न मानें।
आपकी सैलरी स्लिप में क्या बदलेगा
योगदान की दर वही है: कर्मचारी की तरफ से 12% और कंपनी की तरफ से 12%। बदली है वह अधिकतम वेतन जिस पर यह 12% लगता है।
उदाहरण (केवल समझाने के लिए, कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं):
| स्थिति | कर्मचारी का 12% | पुरानी सीमा (₹15,000) पर |
|---|---|---|
| बेसिक + DA ₹22,000, पहले PF के दायरे में नहीं था | ₹2,640 | ₹0 |
| बेसिक + DA ₹22,000, कंपनी अब तक ₹15,000 पर काट रही थी | ₹2,640 | ₹1,800 (यानी ₹840 का फर्क) |
| बेसिक + DA ₹25,000 या उससे ऊपर | ₹3,000 (सीमा पर) | ₹1,800 (यानी ₹1,200 का फर्क) |
कंपनी के 12% का बंटवारा ₹25,000 पर एक रिपोर्ट के अनुसार ऐसा है: करीब ₹2,083 EPS (पेंशन) में और करीब ₹917 EPF में, कुल ₹3,000। ₹22,000 पर यह करीब ₹1,833 EPS और ₹807 EPF बनता है।
इन उदाहरणों में मान लिया गया है कि आपका बेसिक और DA मिलाकर आंकड़ा वही है जो ऊपर लिखा है। असली कटौती आपकी कंपनी की सैलरी संरचना पर निर्भर करेगी। अगर आपकी सैलरी ₹25,000 से ऊपर है और कंपनी अब तक ₹15,000 की सीमा पर PF काट रही थी, तो यह भी संभव है कि आपका योगदान बढ़े। इसे कंपनी से पूछकर पक्का करें।
इनहैंड सैलरी में थोड़ी कमी दिख सकती है, क्योंकि आपका अपना हिस्सा बढ़ता है। पर वह पैसा आपके ही PF खाते में जमा होता है।
सितंबर की स्लिप पर ध्यान दें: नई सीमा महीने के बीच में (17 तारीख से) लागू हुई है। पेरोल सलाहकारों के अनुसार कुछ कंपनियां सितंबर में 1 से 16 तारीख तक पुरानी सीमा और 17 से 30 तक नई सीमा लगाकर हिसाब कर सकती हैं। यह आधिकारिक निर्देश नहीं, कंपनियों की व्यावहारिक व्याख्या है। इसलिए सितंबर की स्लिप में अलग आंकड़ा दिख सकता है। अक्टूबर से पूरा आंकड़ा दिखना चाहिए।
कंपनी वेतन क्यों नहीं घटा सकती
रिपोर्ट्स के अनुसार मंत्रालय का साफ कहना है कि कंपनी अपना बढ़ा हुआ वैधानिक हिस्सा आपके तय वेतन को घटाकर नहीं निकाल सकती। एक विश्लेषण में EPF कानून की धारा 12 का हवाला दिया गया है, जिसके अनुसार सिर्फ PF देनदारी की वजह से वेतन कम नहीं किया जा सकता। यह सामान्य वेतन-फ्रीज नहीं है, यानी कंपनी अपनी तरफ से वेतन बढ़ोतरी रोक सकती है। लेकिन आपके मौजूदा तय वेतन को PF के नाम पर काटना ठीक नहीं है।
किसे कितना फर्क पड़ेगा
- ₹15,000 से ₹25,000 वेतन वाले नए कर्मचारी: अनिवार्य कवरेज के दायरे में आते हैं। PIB के अनुसार इन्हें EPF, EPS और EDLI का लाभ मिलेगा।
- पहले से PF सदस्य, जिनका वेतन ₹15,000 से ऊपर है: आपकी कंपनी किस वेतन पर PF काट रही है, यह आपकी स्लिप में देखें। रिपोर्ट्स के अनुसार वैधानिक आधार अब ₹25,000 तक है।
- ₹25,000 से ऊपर वेतन वाले नए कर्मचारी: PIB के अनुसार अनिवार्य कवरेज की सीमा ₹25,000 है। इससे ऊपर के लिए नियम अलग हो सकते हैं। HR से पूछें।
- छोटी कंपनियां: PIB में “लागू वैधानिक प्रावधानों” की बात है, यानी कवरेज उन प्रतिष्ठानों पर लागू होगा जो EPF कानून में आते हैं।
- ESIC: एक पेरोल रिपोर्ट के अनुसार ESIC की वेतन सीमा ₹21,000 पर बनी हुई है। मैंने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं देखी।
अभी क्या करें
- अगली सैलरी स्लिप में देखें कि EPF की कटौती कितनी है और वह किस वेतन पर लगी है।
- देखें कि आपकी तय (पहले से लिखी) सैलरी घटी तो नहीं। अगर घटी है, तो HR या अकाउंट्स से लिखित में कारण पूछें।
- अपने UAN पासबुक में देखें कि कंपनी का हिस्सा भी जमा हो रहा है। कर्मचारी और कंपनी दोनों की एंट्री होनी चाहिए।
- समाधान न मिले तो EPFO की शिकायत व्यवस्था में शिकायत दर्ज करें।
- किसी एजेंट को “अपडेट कराने” के नाम पर पैसे न दें। अधिसूचना में कर्मचारियों के लिए किसी फॉर्म या आखिरी तारीख का जिक्र नहीं है।
आम गलतियां
- यह मान लेना कि आपकी सैलरी अपने आप घट गई या PF का पैसा “कट कर गायब हो गया”। कर्मचारी का हिस्सा उसके अपने खाते में जाता है।
- सैलरी स्लिप में सिर्फ इनहैंड देखना, और PF पासबुक न देखना।
- कंपनी के CTC में PF का हिस्सा जोड़कर कहे जाने पर चुप रह जाना।
- 51 लाख या 1 करोड़ जैसी संख्याओं को आधिकारिक आंकड़ा मान लेना।
- ऐसे वादे मान लेना कि पेंशन की रकम तय हो गई है। सरकार ने कोई तय पेंशन राशि नहीं बताई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
EPF की नई वेतन सीमा कितनी है?
₹25,000 प्रति माह, 17 सितंबर 2026 से। पहले यह ₹15,000 थी।
क्या कर्मचारी और कंपनी का योगदान 12% से बदल गया?
मैंने ऐसा कोई बदलाव नहीं देखा। रिपोर्ट्स के अनुसार दर वही है, केवल वेतन सीमा बदली है।
क्या कंपनी PF का अपना हिस्सा मेरी सैलरी से काट सकती है?
रिपोर्ट्स के अनुसार श्रम मंत्रालय का निर्देश है कि कंपनी तय वेतन घटाकर अपनी बढ़ी लागत वसूल नहीं कर सकती।
क्या इनहैंड सैलरी कम होगी?
अगर आपका अपना PF हिस्सा बढ़ता है तो थोड़ी कमी दिख सकती है। पर वह आपकी ही बचत है।
कितने नए लोग दायरे में आएंगे?
ज्यादातर रिपोर्ट्स में 51 लाख से ज्यादा का सरकारी अनुमान है। एक रिपोर्ट में 1 करोड़ लिखा है। PIB विज्ञप्ति में मुझे संख्या नहीं मिली।
क्या आपको कोई फॉर्म भरना होगा?
अधिसूचना या विज्ञप्ति में कर्मचारियों के लिए किसी आवेदन या आखिरी तारीख का जिक्र नहीं है। सदस्यता और योगदान का काम कंपनी को करना है।
क्या यह सब पेंशन भी बढ़ाएगा?
PIB के अनुसार नए दायरे में आने वालों को EPS का लाभ मिलेगा, “लागू प्रावधानों के अनुसार”। कोई तय पेंशन रकम घोषित नहीं हुई है।
पक्की बातें ये हैं: EPF की अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा 17 सितंबर 2026 से ₹15,000 से बढ़कर ₹25,000 हो गई है, और ₹15,000 से ₹25,000 कमाने वाले अब अनिवार्य कवरेज के पात्र होंगे। कंपनी के खर्च का बोझ आपके तय वेतन पर डालने के खिलाफ मंत्रालय का निर्देश रिपोर्ट किया गया है। सबसे काम की सलाह यही है कि अपनी अगली स्लिप और PF पासबुक जांचें।
उपयोग किए गए स्रोत (जांच की तारीख: 29 सितंबर 2026)
आधिकारिक स्रोत:
- श्रम एवं रोजगार मंत्रालय / PIB, “Cabinet Approves Higher EPFO Wage Ceiling of Rs. 25,000” (16 सितंबर 2026, रिलीज़ आईडी 2310973): https://www.labour.gov.in/static/uploads/2026/09/4f607a88c5342aeb980c6b999997caab.pdf
अन्य स्रोत (गैर-सरकारी, सिर्फ गजट संख्या, वेतन न घटाने का निर्देश, अनुमानित संख्या और पेरोल व्याख्या के लिए):
- BW People, “Govt Tells Employers Not To Cut Salaries After EPF Ceiling Hike”: https://www.bwpeople.in/article/govt-tells-employers-not-to-cut-salaries-after-epf-ceiling-hike-625978
- The People’s Board, “EPF Ceiling Hike: Govt Tells Employers Not To Cut Wages”: https://www.thepeoplesboard.com/news/epf-ceiling-hike-employers-cannot-cut-wages/
- Kotak Neo, “EPFO Wage Ceiling Raised To ₹25,000; Govt Tells Companies Not To Cut Salaries”: https://www.kotakneo.com/news/regulations/government-tells-companies-not-to-cut-salaries-after-epfo-wage-ceiling-hike/
- Keka, “PF Wage Ceiling Raised to ₹25,000”: https://www.keka.com/pf-wage-ceiling-raised-to-25000
- HRMantra, सितंबर 2026 पेरोल चेकलिस्ट: https://www.hrmantra.com/en-us/guide/epf-wage-ceiling-raised-to-25000-payroll-and-hrms-checklist-sept-2026.html
- ComplianceAge, गजट S.O. 5109(E) पर अपडेट: https://updates.complianceage.com/epf-wage-ceiling-25000-effective-17-september-2026/
डिस्क्लेमर
यह एक सूचनात्मक लेख है और हमारा किसी सरकारी विभाग या EPFO से कोई संबंध नहीं है। जानकारी आधिकारिक विज्ञप्ति और सार्वजनिक रिपोर्ट्स पर आधारित है (29 सितंबर 2026 तक), और नियम या अमल के ब्योरे आगे बदल या आ सकते हैं। सैलरी, PF या पेंशन से जुड़े किसी भी निर्णय से पहले अपनी कंपनी के HR, EPFO की आधिकारिक साइट या किसी योग्य सलाहकार से पुष्टि करें। हम किसी लाभ की गारंटी नहीं देते। यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है। किसी अनजान व्यक्ति को UAN, आधार, बैंक डिटेल या OTP न दें।