CBSE CTET 2026 Exam Pattern & Stretegy: दिसंबर में होगी सीटेट परीक्षा, जानें पासिंग मार्क्स और नया पैटर्न

CBSE CTET 2026 Exam Pattern & Stretegy: शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE ने केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) के 22वें संस्करण की नई तारीखों का औपचारिक ऐलान कर दिया है। लंबे समय से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को अब असमंजस की स्थिति से राहत मिली है क्योंकि परीक्षा की तिथि पूरी तरह स्पष्ट हो चुकी है। संशोधित शेड्यूल के अनुसार, यह परीक्षा अब 12 और 13 दिसंबर 2026 को देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। यह जानकारी बोर्ड की आधिकारिक अधिसूचना में साझा की गई है, जिसे उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं।

पहले क्यों टली थी परीक्षा

गौरतलब है कि यह परीक्षा शुरुआत में सितंबर महीने में प्रस्तावित थी, लेकिन प्रशासनिक कारणों की वजह से इसे स्थगित करना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मद्देनजर बोर्ड को उन पात्र उम्मीदवारों को एक और अवसर देना पड़ा जो पहले आवेदन की समय सीमा से चूक गए थे। इसी वजह से आवेदन पोर्टल को दोबारा खोला गया ताकि कोई भी योग्य उम्मीदवार इस महत्वपूर्ण परीक्षा से वंचित न रह जाए। इस पूरी प्रक्रिया के बाद बोर्ड ने अंततः दिसंबर में परीक्षा कराने का निर्णय लिया, जिससे अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए पहले से कहीं अधिक समय मिल गया है। यह अतिरिक्त समय उन उम्मीदवारों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद साबित हो सकता है जो अपनी तैयारी को और मजबूत करना चाहते हैं।

दो दिन और अलग-अलग शिफ्टों में होगी परीक्षा

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह परीक्षा दो दिनों में, अलग-अलग शिफ्टों में और पूरी तरह ऑफलाइन यानी OMR आधारित मोड में आयोजित की जाएगी। यह पारंपरिक तरीका उम्मीदवारों के लिए नया नहीं है, क्योंकि CTET हमेशा से इसी प्रारूप में आयोजित होती आई है। ऑफलाइन मोड होने के कारण उम्मीदवारों को अपने साथ जरूरी दस्तावेज और एडमिट कार्ड लेकर निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचना अनिवार्य होगा। दो दिनों में परीक्षा आयोजित होने से बोर्ड को बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने में भी सहूलियत मिलती है।

पेपर 1 और पेपर 2 में क्या है अंतर

CTET परीक्षा मुख्य रूप से दो अलग-अलग पेपरों में आयोजित होती है। जो उम्मीदवार कक्षा 1 से 5 यानी प्राइमरी स्तर पर शिक्षक बनना चाहते हैं, उन्हें पेपर-1 देना होता है, जबकि कक्षा 6 से 8 यानी उच्च प्राथमिक स्तर के लिए इच्छुक उम्मीदवारों को पेपर-2 देना पड़ता है। दोनों ही पेपर पूरी तरह बहुविकल्पीय प्रश्नों यानी MCQ पर आधारित होते हैं और दोनों में कुल 150 प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनके लिए कुल 150 अंक निर्धारित हैं। परीक्षा की अवधि दोनों पेपरों के लिए समान है, यानी प्रत्येक पेपर को हल करने के लिए उम्मीदवारों को 2 घंटे 30 मिनट का समय दिया जाता है। सबसे राहत की बात यह है कि किसी भी पेपर में गलत उत्तर देने पर नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान नहीं है, जिससे उम्मीदवार बिना किसी डर के सभी प्रश्नों का प्रयास कर सकते हैं।

विषयवार प्रश्नों का विस्तृत ब्यौरा

पेपर-1 की बात करें तो इसमें बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, गणित, पर्यावरण अध्ययन और भाषा एक व भाषा दो, इन सभी विषयों से 30-30 प्रश्न पूछे जाते हैं। इस तरह कुल मिलाकर 150 प्रश्नों का पूरा पेपर तैयार होता है। वहीं पेपर-2 का ढांचा थोड़ा अलग है। इसमें बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा एक और भाषा दो से 30-30 प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं। इसके अतिरिक्त उम्मीदवार जिस विषय के लिए आवेदन करते हैं, उसके अनुसार गणित एवं विज्ञान या फिर सामाजिक अध्ययन एवं सामाजिक विज्ञान खंड से कुल 60 प्रश्न शामिल किए जाते हैं। इस तरह की विषयवार संरचना को समझना उम्मीदवारों की तैयारी के लिए बेहद जरूरी माना जाता है, ताकि वे अपने समय का सही तरीके से बंटवारा कर सकें।

पास होने के लिए जरूरी न्यूनतम अंक

CTET को क्वालीफाई करने के लिए अलग-अलग श्रेणियों के लिए अलग मानदंड तय किए गए हैं। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को पास होने के लिए कुल 150 अंकों में से कम से कम 60 प्रतिशत यानी लगभग 90 अंक प्राप्त करने अनिवार्य होते हैं। वहीं आरक्षित श्रेणियों जैसे ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए यह सीमा थोड़ी कम रखी गई है, जिसमें उन्हें 55 प्रतिशत यानी लगभग 82 अंक हासिल करने होते हैं। यह छूट सरकारी नियमों के अंतर्गत आती है और आरक्षण नीति के अनुरूप लागू की जाती है। उम्मीदवारों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि CTET पास करना केवल एक पात्रता प्रमाणपत्र प्रदान करता है, यह सीधे तौर पर नौकरी की गारंटी नहीं देता। शिक्षक बनने के लिए इसके बाद संबंधित राज्य या केंद्र सरकार की अलग से आयोजित होने वाली भर्ती प्रक्रियाओं में शामिल होना अनिवार्य होता है।

सिटी स्लिप और एडमिट कार्ड कब मिलेंगे

बोर्ड की योजना के अनुसार परीक्षा से लगभग 15 दिन पहले यानी नवंबर के अंत तक उम्मीदवारों को उनकी एग्जाम सिटी और सही तारीख की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध करा दी जाएगी। इसके बाद परीक्षा केंद्र का पूरा पता दर्शाने वाला एडमिट कार्ड परीक्षा की तारीख से ठीक दो दिन पहले जारी किया जाएगा। उम्मीदवारों को सुझाव दिया जाता है कि वे इस दौरान किसी भी तरह की अफवाह या अनाधिकृत जानकारी पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई सूचनाओं का ही पालन करें, ताकि परीक्षा से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी न हो।

तैयारी की रणनीति कैसी हो

चूंकि अब परीक्षा के लिए पर्याप्त समय मिल गया है, इसलिए उम्मीदवारों को अपनी तैयारी को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना चाहिए। सबसे पहले पूरे पाठ्यक्रम को अच्छी तरह समझकर एक समय-सारणी बनानी चाहिए, जिसमें हर विषय को उचित समय दिया जाए। पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करना बेहद फायदेमंद साबित होता है, क्योंकि इससे परीक्षा के पैटर्न और कठिनाई स्तर का सही अंदाजा मिलता है। नियमित रूप से मॉक टेस्ट देने से समय प्रबंधन की क्षमता बेहतर होती है और परीक्षा हॉल में आत्मविश्वास भी बढ़ता है। इसके अलावा विषयवार कमजोर बिंदुओं की पहचान करके उन पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि अंतिम समय में किसी भी विषय को लेकर घबराहट न हो।

(Disclaimer): यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। CTET 2026 से संबंधित तारीखों, पैटर्न और अन्य नियमों में समय-समय पर बदलाव हो सकता है, इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अंतिम निर्णय से पहले CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई ताज़ा और सटीक जानकारी अवश्य जांच लें।

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