मध्य प्रदेश की उन लाखों बेटियों के लिए अच्छी खबर है, जो गांव में रहकर 12वीं की पढ़ाई पूरी कर चुकी हैं और अब कॉलेज में दाखिला लेना चाहती हैं। राज्य सरकार की गांव की बेटी योजना के तहत ऐसी मेधावी छात्राओं को हर साल ₹5,000 तक की छात्रवृत्ति सीधे उनके बैंक खाते में मिलती है। जो बेटियां इंजीनियरिंग, मेडिकल या किसी तकनीकी कोर्स में दाखिला लेती हैं, उन्हें सालाना ₹7,500 तक की मदद मिलती है। योजना की शुरुआत 2005 में हुई थी और इसे राज्य के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित किया जाता है। आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होता है — न किसी कार्यालय के चक्कर, न किसी दलाल की जरूरत।
जरूरी सूचना: इस योजना का लाभ सिर्फ मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों को ही मिलता है, और 12वीं में कम से कम 60% अंक जरूरी हैं। आवेदन केवल आधिकारिक पोर्टल scholarshipportal.mp.nic.in पर ही करें। कोई एजेंट या व्यक्ति पैसे मांगता है तो उसकी शिकायत हेल्पलाइन पर करें।
मुख्य बातें
- राशि: सामान्य स्नातक कोर्स के लिए ₹500 प्रति माह (10 माह = ₹5,000/साल); तकनीकी या मेडिकल कोर्स के लिए ₹750 प्रति माह (10 माह = ₹7,500/साल)।
- योग्यता: 12वीं में न्यूनतम 60% अंक, गांव के स्कूल से पढ़ाई, और ग्रेजुएशन में नियमित दाखिला अनिवार्य।
- आवेदन: पूरी तरह ऑनलाइन — MP Scholarship Portal पर रजिस्ट्रेशन और फॉर्म भरें।
- भुगतान: कॉलेज के प्राचार्य से सत्यापन के बाद राशि सीधे छात्रा के बैंक खाते में ट्रांसफर होती है।
- हेल्पलाइन: 1800-180-5522 पर योजना से जुड़ी जानकारी और मदद मिलती है।

योजना क्या है
गांव की बेटी योजना मध्य प्रदेश सरकार की एक छात्रवृत्ति योजना है, जिसका मकसद गांव की उन बेटियों को पढ़ाई से जोड़कर रखना है, जिनकी पढ़ाई 12वीं के बाद पैसों की कमी के कारण छूट जाती है। कई ग्रामीण परिवारों में बेटियां पढ़ाई में होशियार होने के बावजूद कॉलेज की फीस और खर्च नहीं उठा पाते। इसी समस्या को ध्यान में रखकर सरकार ने 2005 में यह योजना शुरू की थी। योजना के तहत पात्र छात्राओं को हर शैक्षणिक वर्ष में तय राशि मिलती है, ताकि वे बिना आर्थिक दबाव के उच्च शिक्षा जारी रख सकें। राशि 10 महीनों के हिसाब से तय होती है और पारदर्शिता के लिए सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
योजना विवरण — एक नजर में
| योजना | राज्य | राशि | उम्र सीमा | आय सीमा | आधिकारिक वेबसाइट |
| गांव की बेटी योजना | मध्य प्रदेश | ₹5,000 – ₹7,500 प्रति वर्ष | निर्धारित नहीं | निर्धारित नहीं (आय प्रमाण पत्र अनिवार्य) | scholarshipportal.mp.nic.in |
पात्रता शर्तें
- छात्रा मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र की स्थायी निवासी हो।
- 12वीं की पढ़ाई गांव के स्कूल से पूरी की हो और परीक्षा में कम से कम 60% अंक (फर्स्ट डिवीजन) प्राप्त किए हों।
- 12वीं के बाद किसी मान्यता प्राप्त सरकारी या प्राइवेट कॉलेज/विश्वविद्यालय में ग्रेजुएशन कोर्स में नियमित दाखिला लिया हो।
- छात्रा के पास गांव की बेटी प्रमाण पत्र (सरपंच या ग्राम पंचायत/जनपद पंचायत से सत्यापित) हो।
- परिवार की समग्र आईडी बनी हो और आधार से लिंक हो।
किन स्थितियों में लाभ नहीं मिलेगा (अपात्रता)
- शहरी क्षेत्र की निवासी छात्राएं इस योजना में आवेदन नहीं कर सकतीं।
- 12वीं में 60% से कम अंक लाने वाली छात्राएं पात्र नहीं हैं।
- जिन छात्राओं ने 12वीं के बाद कॉलेज में दाखिला नहीं लिया है, वे आवेदन नहीं कर सकतीं।
- आवेदन में गलत या फर्जी दस्तावेज देने पर आवेदन रद्द कर दिया जाएगा।
- गांव की बेटी प्रमाण पत्र के बिना आवेदन अधूरा माना जाएगा।
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड और समग्र आईडी
- 10वीं और 12वीं की मार्कशीट
- गांव की बेटी प्रमाण पत्र (सरपंच/सचिव से सत्यापित)
- निवास प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC के लिए)
- बैंक पासबुक की फोटो कॉपी
- कॉलेज एडमिशन की फीस रसीद या आईडी कार्ड, कॉलेज कोड और ब्रांच कोड
- पासपोर्ट साइज फोटो और चालू मोबाइल नंबर

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें — स्टेप बाय स्टेप
| तरीका | कहां करें | क्या चाहिए |
| रजिस्ट्रेशन करें | scholarshipportal.mp.nic.in पर | आधार कार्ड, चालू मोबाइल नंबर, समग्र आईडी |
| लॉगिन करके फॉर्म भरें | पोर्टल के डैशबोर्ड में | व्यक्तिगत जानकारी, 12वीं के अंक, कॉलेज की डिटेल्स |
| दस्तावेज अपलोड करें | उसी पोर्टल पर | स्कैन की हुई कॉपी — आधार, मार्कशीट, प्रमाण पत्र |
| फॉर्म सबमिट करें | ऑनलाइन | सभी जानकारी जांचकर सबमिट बटन दबाएं |
| कॉलेज में सत्यापन कराएं | अपने कॉलेज में | आवेदन की रसीद/प्रिंट जमा करें |
आवेदन का स्टेटस कैसे चेक करें
स्टेटस देखने के लिए scholarshipportal.mp.nic.in (या hescholarship.mp.gov.in) पर अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें और “Apply / View Application” सेक्शन में जाएं। यहां आवेदन किस स्तर पर है — पेंडिंग, सत्यापित या स्वीकृत — यह जानकारी मिल जाती है। स्वीकृति के बाद राशि सीधे बैंक खाते में भेज दी जाती है।

नियम तोड़ने के नतीजे
- गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेज पाए जाने पर आवेदन तुरंत रद्द कर दिया जाता है।
- गलत तरीके से मिली राशि की वसूली की जा सकती है।
- फर्जीवाड़ा करने वाली छात्राओं को आगे सरकारी योजनाओं से वंचित किया जा सकता है।
- इसलिए आवेदन में केवल सही और सत्यापित दस्तावेज ही लगाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सवाल: इस योजना में कुल कितना पैसा मिलता है?
जवाब: सामान्य स्नातक कोर्स के लिए ₹5,000 प्रति वर्ष और तकनीकी/मेडिकल कोर्स के लिए ₹7,500 प्रति वर्ष मिलता है। यह राशि 10 महीनों के हिसाब से तय होती है।
सवाल: 12वीं में 60% से कम अंक हैं तो क्या आवेदन कर सकते हैं?
जवाब: नहीं, इस योजना के लिए 12वीं में न्यूनतम 60% अंक अनिवार्य शर्त है।
सवाल: आवेदन कहां करना है?
जवाब: scholarshipportal.mp.nic.in पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करके आवेदन करना है। आवेदन के बाद रसीद अपने कॉलेज में जमा करनी होती है।
सवाल: क्या शहरी क्षेत्र की बेटियां आवेदन कर सकती हैं?
जवाब: नहीं, यह योजना सिर्फ मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों के लिए है।
सवाल: पैसा कब और कैसे मिलेगा?
जवाब: कॉलेज के प्राचार्य द्वारा सत्यापन और राज्य अधिकारियों की स्वीकृति के बाद राशि सीधे छात्रा के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।
सवाल: गांव की बेटी प्रमाण पत्र कहां से मिलेगा?
जवाब: यह प्रमाण पत्र ग्राम पंचायत के सरपंच या सचिव से सत्यापित कराकर बनवाया जाता है।
आधिकारिक वेबसाइट: scholarshipportal.mp.nic.in
अंत में यही कहना जरूरी है — अगर आप गांव की बेटी हैं, 12वीं में 60% से अधिक अंक लाई हैं और कॉलेज में दाखिला ले चुकी हैं, तो यह छात्रवृत्ति आपका हक है। सही दस्तावेज तैयार रखें, पोर्टल पर समय से आवेदन करें और किसी को पैसे न दें। आपकी पढ़ाई किसी खर्च की वजह से रुकनी नहीं चाहिए।
स्रोत: मूल खबर