पीएम कुसुम योजना रजिस्ट्रेशन, सब्सिडी और राज्यवार पोर्टल PM Kusum Yojana 2026

PM Kusum Yojana 2026: दोस्तों, सोलर पंप के लिए PM-KUSUM का नाम तो आपने सुना होगा। पर 2026 में इसे लेकर एक बड़ी गलतफ़हमी चल रही है कि “डेडलाइन मार्च 2027 तक बढ़ गई, तो अब हर किसान आवेदन कर सकता है।” ऐसा नहीं है, और यही बात इस लेख में सबसे ज़रूरी है।

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने 28 मार्च 2026 के आदेश से परियोजनाओं के पूरा होने की डेडलाइन 31 मार्च 2027 की है, लेकिन सिर्फ़ उन परियोजनाओं के लिए जिनमें PPA या NTP 31 दिसंबर 2025 तक या उससे पहले जारी हो चुका है। योजना की सामान्य समय-सीमा मार्च 2026 ही थी। मंत्रालय ने साफ़ कहा है कि मार्च 2027 के बाद कोई और विस्तार नहीं मिलेगा।

क्या अभी नया आवेदन कर सकते हैं?

ये आपके राज्य पर निर्भर करता है। सोलर पंप (कंपोनेंट B और C) में आवेदन राज्य की नोडल एजेंसी के पोर्टल पर होते हैं, और खुले हैं या नहीं, ये राज्य का कोटा और स्वीकृत लक्ष्य तय करता है। मैं किसी एक पोर्टल पर आज की स्थिति पक्की नहीं कर पाया, इसलिए अपने राज्य की नोडल एजेंसी या कृषि/ऊर्जा विभाग से सीधे पूछना सबसे सही रहेगा।

योजना क्या है?

PM-KUSUM (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) 2019 में शुरू हुई थी। इसमें तीन हिस्से हैं:

  • कंपोनेंट A: बंजर या खाली ज़मीन पर 500 kW से 2 MW तक के सोलर प्लांट। बिजली डिस्कॉम को बेची जाती है।
  • कंपोनेंट B: जहाँ बिजली कनेक्शन नहीं है, वहाँ अलग से सोलर पंप। 7.5 HP तक की क्षमता का प्रावधान है।
  • कंपोनेंट C: जिनके पास पहले से बिजली वाला पंप है, उसे सोलर से जोड़ना। खेत में बनी अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचने का रास्ता भी रहता है।

सब्सिडी कितनी मिलती है? (कंपोनेंट B और C)

सामान्य राज्यों में आम ढाँचा ये है:

स्रोत हिस्सा
केंद्र की सब्सिडी 30%
राज्य की सब्सिडी 30%
बैंक लोन 30%
किसान का अंशदान 10%

पूर्वोत्तर राज्यों, सिक्किम, J&K, हिमाचल और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में केंद्र की सब्सिडी 50% तक है। राज्य की सब्सिडी का प्रतिशत और बैंक लोन का नियम राज्य-दर-राज्य बदल सकता है।

एक उदाहरण: (सिर्फ़ समझाने के लिए, ये कोई आधिकारिक कीमत नहीं है)। मान लीजिए पंप का कुल खर्च ₹2,00,000 है। तब केंद्र ₹60,000, राज्य ₹60,000, बैंक लोन ₹60,000, और किसान का हिस्सा ₹20,000 होगा। असल कीमत पंप की क्षमता, राज्य के रेट और कंपनी पर निर्भर करती है।

पात्रता

  • भारत का नागरिक और किसान, जिसके नाम पर खेती की ज़मीन हो या वैध रूप से उसका उपयोग करता हो (जैसे लीज़)।
  • कंपोनेंट B के लिए खेत में बिजली कनेक्शन न हो या ऑफ-ग्रिड क्षेत्र हो।
  • कंपोनेंट C के लिए पहले से चालू ग्रिड-कनेक्टेड कृषि पंप हो।
  • कंपोनेंट A में किसान, किसान समूह, सहकारी समिति, पंचायत या FPO आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते उपयुक्त ज़मीन हो।
  • आधार और बैंक खाता आपस में लिंक हों।

ज़रूरी दस्तावेज़

  • आधार कार्ड
  • ज़मीन के कागज़ात
  • बैंक पासबुक की कॉपी
  • पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो
  • मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी
  • राशन कार्ड या निवास प्रमाण पत्र
  • संयुक्त ज़मीन हो तो अन्य हिस्सेदारों की सहमति (NOC)
  • कंपोनेंट A के लिए ज़मीन का नक्शा और स्वामित्व/लीज़ के कागज़

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

  1. अपने राज्य की PM-KUSUM नोडल एजेंसी की वेबसाइट खोलिए। राष्ट्रीय जानकारी pmkusum.mnre.gov.in पर मिलती है, पर आवेदन आम तौर पर राज्य के पोर्टल पर होते हैं।
  2. अपना राज्य चुनिए और “आवेदन करें” पर क्लिक कीजिए।
  3. नया रजिस्ट्रेशन कीजिए और मोबाइल पर आया OTP भरिए।
  4. कंपोनेंट B या C चुनिए और फॉर्म में नाम, पता और ज़मीन का ब्यौरा सावधानी से भरिए।
  5. ज़रूरी दस्तावेज़ साफ़ स्कैन करके, पोर्टल के बताए फॉर्मेट में अपलोड कीजिए।
  6. अगर राज्य में कोई शुल्क या अंशदान लगता है, तो ऑनलाइन जमा कीजिए।
  7. फॉर्म जाँचकर सबमिट कीजिए। आवेदन संख्या का स्क्रीनशॉट रख लीजिए।

ऑफ़लाइन आवेदन

अपने नज़दीकी कृषि विभाग, डिस्कॉम कार्यालय या राज्य की नोडल एजेंसी के दफ़्तर में जाइए, फॉर्म लीजिए, भरकर दस्तावेज़ों की फ़ोटोकॉपी के साथ जमा कीजिए और रसीद ज़रूर लीजिए। इसके बाद विभाग दस्तावेज़ों और खेत का निरीक्षण करता है।

आवेदन का स्टेटस कैसे देखें?

अपने राज्य के उसी पोर्टल पर जाइए जहाँ आवेदन किया था, “Application Status” में अपनी आवेदन संख्या और मोबाइल नंबर भरिए, कैप्चा भरिए और स्टेटस देखिए। ऑफ़लाइन आवेदन हो तो रसीद लेकर उसी कार्यालय में जाइए।

PM-KUSUM 2.0 का क्या?

MNRE इसका ढाँचा तैयार कर रहा है, और रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इसमें 10 GW के कृषि-सौर (Agri-PV) हिस्से की बात कही है। बैटरी स्टोरेज (BESS) जुड़ने की भी संभावना जताई जा रही है। पर अभी तक ये आधिकारिक रूप से लॉन्च नहीं हुई है, इसलिए इसकी तारीख, सब्सिडी या नियम का कोई दावा पक्का मत मानिए।

सामान्य ग़लतियाँ

  • डेडलाइन को सबके लिए मान लेना। मार्च 2027 की डेडलाइन सिर्फ़ 31 दिसंबर 2025 तक जारी PPA/NTP वाली परियोजनाओं पर लागू है।
  • अनजान एजेंट या वेबसाइट को “सब्सिडी जल्दी दिलवाने” के नाम पर पैसे देना। सिर्फ़ राज्य की नोडल एजेंसी या आधिकारिक पोर्टल पर भरोसा कीजिए।
  • सोलर पंप कंपनी का चुनाव खुद करके पैसा पहले दे देना। कई राज्यों में कंपनियाँ पैनल में से तय होती हैं, पहले नियम पूछिए।
  • ग़लत कंपोनेंट चुनना। बिजली कनेक्शन है तो कंपोनेंट C, नहीं है तो B।
  • ज़मीन के कागज़ात और बैंक लिंक पहले से ठीक न करना।

अब क्या करें?

  1. अपने राज्य की नोडल एजेंसी या कृषि/ऊर्जा विभाग से पूछिए कि सोलर पंप के आवेदन खुले हैं या नहीं, और कोटा कितना बचा है।
  2. अपने खेत के हिसाब से कंपोनेंट तय कीजिए।
  3. दस्तावेज़, आधार-बैंक लिंक और NOC (अगर संयुक्त ज़मीन है) पहले से तैयार रखिए।
  4. बैंक से बात कर लीजिए कि 30% लोन का हिस्सा कैसे मिलेगा।
  5. आधिकारिक पोर्टल के अलावा किसी लिंक पर आधार या बैंक डिटेल्स मत डालिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. PM-KUSUM की नई डेडलाइन क्या है?
31 मार्च 2027, पर सिर्फ़ उन परियोजनाओं के लिए जिनमें PPA/NTP 31 दिसंबर 2025 तक जारी हो चुका है।

2. सोलर पंप पर किसान को कितना देना होता है?
सामान्यतः कुल लागत का लगभग 10%। बाकी सब्सिडी और बैंक लोन से। राज्य के हिसाब से बदलाव हो सकता है।

3. कितने HP का पंप मिलता है?
कंपोनेंट B में 7.5 HP तक के पंप का प्रावधान है।

4. बिजली कनेक्शन है तो कौन सा कंपोनेंट?
कंपोनेंट C, यानी मौजूदा पंप को सोलर पर चलाना।

5. क्या आवेदन अभी खुले हैं?
ये राज्य पर निर्भर करता है। अपने राज्य की नोडल एजेंसी से पुष्टि कीजिए।

6. PM-KUSUM 2.0 कब आएगा?
अभी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है।

7. हेल्पलाइन कौन सी है?
राष्ट्रीय पोर्टल पर 1800-180-3333 टोल-फ्री नंबर बताया गया है। इस्तेमाल से पहले पोर्टल पर एक बार मिला लें।

सीधी बात ये है कि PM-KUSUM में सोलर पंप पर बड़ी सब्सिडी मिलती है, पर इसका फ़ायदा तभी है जब आपके राज्य में आवेदन खुले हों और आपका कंपोनेंट सही हो। मार्च 2027 की डेडलाइन को “सबके लिए मौक़ा” न समझिए। अपने राज्य की नोडल एजेंसी से पुष्टि कीजिए, कागज़ात तैयार रखिए और अफ़वाहों से बचिए।


सत्यापन के लिए इस्तेमाल किए गए सोर्स (7 अक्टूबर 2026 को देखे गए)

  • Energetica India, MNRE ने डेडलाइन 31 मार्च 2027 की (PPA/NTP 31 दिसंबर 2025 तक वालों के लिए): energetica-india.net/news/mnre-extends-pm-kusum-project-completion-deadline-to-march-31-2027
  • Energetica India, कंपोनेंट A और C का financial closure 30 नवंबर 2026 तक और “मार्च 2027 के बाद कोई विस्तार नहीं”: energetica-india.net/news/mnre-extends-pm-kusum-financial-closure-deadline-to-nov-30
  • Drishti IAS, विस्तार की शर्त और PM-KUSUM 2.0 (BESS): drishtiias.com/state-pcs-current-affairs/pm-kusum-scheme-deadline-extended-to-march-2027
  • Reslink, MNRE का 28 मार्च 2026 का ज्ञापन: reslink.org/blogs/pm-kusum-2-0-is-coming-india-s-rs-50-000-crore-agricultural-solar-push/
  • Renewable Mirror, पहले योजना मार्च 2026 तक बढ़ी थी: renewablemirror.com/mnre-extends-pm-kusum-project-deadline-to-march-2027/
  • आधिकारिक पोर्टल: pmkusum.mnre.gov.in


डिस्क्लेमर

 इस लेख की जानकारी सामान्य जानकारी के लिए है। योजना के नियम, सब्सिडी का प्रतिशत, आवेदन की तारीख और पात्रता राज्य के अनुसार बदल सकती है। उदाहरण केवल समझाने के लिए है। आवेदन से पहले अपने राज्य की नोडल एजेंसी, आधिकारिक पोर्टल (pmkusum.mnre.gov.in) या संबंधित कार्यालय से पुष्टि ज़रूर करें।

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