Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana 2026: दोस्तों, रबी की बुआई का समय है और फसल बीमा के रजिस्ट्रेशन भी खुल रहे हैं। इस साल योजना में कुछ नई चीज़ें जुड़ी हैं, जिनके बारे में ज़्यादातर लेखों में नहीं लिखा जाता। पहले सीधे काम की बात करते हैं।
सीधा जवाब
- रबी 2026-27 में बीमा की आख़िरी तारीख़: ज़्यादातर राज्यों में 31 दिसंबर 2026। रिपोर्ट्स के अनुसार रजिस्ट्रेशन 15 अक्टूबर के आसपास खुल रहे हैं, पर तारीख़ राज्य, ज़िले और फसल के हिसाब से अलग हो सकती है।
- किसान का प्रीमियम: खरीफ में 2%, रबी में 1.5% और वाणिज्यिक/बागवानी फसलों में 5% तक।
- नुकसान की सूचना: स्थानीय आपदाओं में 72 घंटे के भीतर, Crop Insurance ऐप या हेल्पलाइन 14447 पर।
- आवेदन: pmfby.gov.in, CSC, बैंक शाखा या बीमा कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि के ज़रिए।
इस साल क्या नया है?
कृषि मंत्रालय ने नवंबर 2025 में नए प्रावधानों को मंज़ूरी दी थी, जो खरीफ 2026 से लागू हैं:
- जंगली जानवरों के हमले से फसल का नुकसान अब स्थानीय जोखिमों में पाँचवें ऐड-ऑन कवर के रूप में शामिल है। राज्य ऐसे जानवरों की सूची और संवेदनशील ज़िले अधिसूचित करेंगे। यानी हर इलाक़े में ये कवर अपने-आप नहीं मिलता।
- धान में जलभराव (inundation) को स्थानीय आपदा के रूप में दोबारा जोड़ा गया है (2018 में हटाया गया था)।
- नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर Crop Insurance ऐप से, जियो-टैग फ़ोटो के साथ देना ज़रूरी है।
- रिपोर्ट्स के अनुसार पश्चिम बंगाल खरीफ 2026 से योजना में दोबारा शामिल हुआ है, और बिहार रबी 2026-27 से योजना लागू करेगा (वहाँ नामांकन 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027, ये जानकारी मैंने सिर्फ़ एक सोर्स पर देखी)।
किसान को कितना प्रीमियम देना होगा?
| फसल का प्रकार | किसान के प्रीमियम की अधिकतम दर | ₹1,00,000 की बीमित राशि पर |
|---|---|---|
| खरीफ खाद्यान्न और तिलहन | 2% | ₹2,000 |
| रबी खाद्यान्न और तिलहन | 1.5% | ₹1,500 |
| वाणिज्यिक और बागवानी फसलें | 5% | ₹5,000 |
ये आपके टेक्स्ट वाली सामान्य दरों का हिसाब है। असली प्रीमियम आपकी फसल, ज़िले की बीमित राशि और राज्य की अधिसूचना पर निर्भर करेगा। बाक़ी प्रीमियम पर सरकार सब्सिडी देती है।
किन जोखिमों में मुआवज़ा मिलता है?
- व्यापक आपदाएँ: सूखा, बाढ़, कीट और रोग आदि, जिनमें नुकसान का आकलन पूरे बीमा क्षेत्र की पैदावार से होता है।
- स्थानीय आपदाएँ: ओलावृष्टि, भूस्खलन, बादल फटना, जलभराव और प्राकृतिक आग/बिजली, जिनमें खेत-स्तर पर आकलन होता है।
- ऐड-ऑन: जंगली जानवरों का हमला (अधिसूचित इलाक़ों में) और धान में जलभराव।
- बुआई न हो पाना: प्रतिकूल मौसम के कारण अधिसूचित क्षेत्र में बुआई न होने पर नियमों के अनुसार दावा।
- कटाई के बाद का नुकसान: खेत में सुखाने के लिए रखी कटी फसल को अधिकतम 14 दिन तक कुछ अधिसूचित जोखिमों से सुरक्षा।
72 घंटे का नियम कब लागू होता है?
रिपोर्ट्स के अनुसार ये नियम स्थानीय आपदाओं (ओलावृष्टि, जलभराव, भूस्खलन, बादल फटना, प्राकृतिक आग/बिजली) और जंगली जानवरों के हमले पर लागू होता है। सूखे जैसी व्यापक आपदा में अलग-अलग किसान को सूचना नहीं देनी पड़ती।
सूचना कैसे दें:
- Crop Insurance App से, जियो-टैग फ़ोटो के साथ।
- हेल्पलाइन 14447 (कृषि रक्षक पोर्टल और हेल्पलाइन) पर कॉल करके।
- अपने बैंक, बीमा कंपनी के कार्यालय या कृषि कार्यालय में।
सूचना में फसल, खसरा/सर्वे नंबर, प्रभावित क्षेत्र, तारीख़ और नुकसान का कारण बताइए। शिकायत संख्या और पावती सँभालकर रखिए। समय चूकने पर दावा खारिज हो सकता है।
ज़रूरी दस्तावेज़
- आधार कार्ड या मान्य पहचान पत्र
- ज़मीन का रिकॉर्ड (खतौनी/खसरा)
- बटाईदार किसान के लिए खेती का प्रमाण
- बोई गई फसल का विवरण या बुआई प्रमाण
- बैंक पासबुक/खाते का विवरण और IFSC
- सक्रिय मोबाइल नंबर
- एग्रीस्टैक फ़ार्मर आईडी (जहाँ राज्य में माँगी जाए)
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
- pmfby.gov.in खोलिए और Farmer Corner चुनिए।
- लॉगिन कीजिए या नया किसान पंजीकरण कीजिए।
- नाम, मोबाइल, बैंक खाते और ज़मीन की जानकारी भरिए।
- अपने क्षेत्र की अधिसूचित फसल चुनिए, दस्तावेज़ अपलोड कीजिए और प्रीमियम जाँचिए।
- सब कुछ जाँचकर आवेदन जमा कीजिए, और रसीद या आवेदन संख्या सँभालकर रखिए।
अगर आपने बैंक से फसल ऋण लिया है, तो कई मामलों में बीमा ऋण के साथ जुड़ जाता है। अपने बैंक से पूछ लीजिए कि आपका बीमा कटा है या नहीं।
मुआवज़ा कैसे तय होता है?
फसल, बीमित राशि और नुकसान के आधार पर। जाँच में क्षेत्र की पैदावार या खेत के नुकसान का आकलन होता है। मंज़ूरी के बाद पैसा किसान के बैंक खाते में DBT से आता है। कुछ रिपोर्ट्स में स्थानीय आपदा के दावों में सर्वे के बाद 7 कार्य-दिवस की बात आती है, पर ये मैं पक्का नहीं कर पाया।
सामान्य ग़लतियाँ
- आख़िरी हफ़्ते का इंतज़ार। दिसंबर के आख़िर में पोर्टल और CSC पर भीड़ होती है।
- 72 घंटे की सीमा चूकना।
- गलत फसल या गलत खसरा नंबर चुनना।
- बैंक खाता आधार से न जुड़ा होना।
- ये मान लेना कि जंगली जानवरों वाला कवर हर ज़िले में है। पहले अपने राज्य की अधिसूचना देखिए।
- अनजान एजेंट को पैसे देना।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. फसल बीमा की आधिकारिक वेबसाइट कौन-सी है?
pmfby.gov.in।
2. रबी में कितना प्रीमियम लगता है?
खाद्यान्न और तिलहन पर 1.5% तक।
3. रबी 2026-27 की आख़िरी तारीख़ क्या है?
ज़्यादातर राज्यों में 31 दिसंबर 2026। राज्य की अधिसूचना देखिए।
4. नुकसान की सूचना कितने घंटे में देनी है?
स्थानीय आपदाओं में 72 घंटे के भीतर।
5. हेल्पलाइन कौन-सी है?
14447।
6. क्या जंगली जानवरों से हुआ नुकसान कवर है?
खरीफ 2026 से अधिसूचित ज़िलों में ऐड-ऑन के रूप में।
7. क्या बटाईदार किसान बीमा करा सकते हैं?
पात्र बटाईदार राज्य के नियमों के अनुसार करा सकते हैं।
8. नुकसान होने पर पैसा कैसे मिलता है?
जाँच और मंज़ूरी के बाद बैंक खाते में DBT से।
सीधी बात ये है कि रबी का बीमा कराने के लिए अब वक़्त है, और आख़िरी तारीख़ आम तौर पर 31 दिसंबर है। बुआई के बाद जल्दी रजिस्ट्रेशन कीजिए, Crop Insurance ऐप फ़ोन में रखिए, और ओलावृष्टि या जलभराव जैसी स्थानीय आपदा में 72 घंटे के भीतर सूचना ज़रूर दीजिए।
सोर्स
- Vision IAS (19 नवंबर 2025), कृषि मंत्रालय के नए प्रावधान: जंगली जानवरों का हमला पाँचवाँ ऐड-ऑन, धान में जलभराव, 72 घंटे और जियो-टैग फ़ोटो: visionias.in/current-affairs/news-today/2025-11-19/schemes-in-news/government-introduces-new-modalities-under-pmfby-to-strengthen-farmer-protection
- Global Agriculture (19 नवंबर 2025), वही घोषणा, राज्य जानवरों और ज़िलों की सूची अधिसूचित करेंगे: global-agriculture.com/india-region/pmfby-update-crop-insurance-to-cover-wild-animal-damage-and-paddy-flooding-from-kharif-2026/
- सरकारी योजना (अक्टूबर 2026), रबी 2026-27 के लिए पंजीकरण 15 अक्टूबर से, आख़िरी तारीख 31 दिसंबर, बिहार और पश्चिम बंगाल की स्थिति: sarkariyojana.com/pradhan-mantri-fasal-bima-yojana/
- Katyayani Organics (सितंबर 2026), रबी 2026-27 में 1.5% प्रीमियम, 31 दिसंबर, 72 घंटे, 14447: katyayaniorganics.com/blog/pmfby-rabi-registration
- Katyayani Organics, 2027 का कैलेंडर, रबी की सीमा 31 दिसंबर 2026, 72 घंटे का नियम: katyayaniorganics.com/blog/agriculture-schemes-calendar
- Tractor For Everyone, 72 घंटे का नियम, 14447, अलग-अलग राज्यों में तारीख़ अलग: tractorforeveryone.com/knowledge-center/pmfby-crop-insurance-2026-last-date-how-to-apply-how-to-claim
- आधिकारिक पोर्टल: pmfby.gov.in
डिस्क्लेमर
इस लेख की जानकारी सामान्य जानकारी के लिए है। योजना की तारीख़ें, प्रीमियम, अधिसूचित फसलें और नियम राज्य और ज़िले के हिसाब से अलग हो सकते हैं और बदले जा सकते हैं। आवेदन से पहले अपने राज्य की अधिसूचना, आधिकारिक पोर्टल (pmfby.gov.in) या अपने कृषि कार्यालय से जानकारी की पुष्टि ज़रूर करें। बीमा कंपनी का फ़ैसला योजना के नियमों के अनुसार होता है।