14 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ऐतिहासिक फैसला लिया: राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) अब प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना कहलाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने इसे 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी दी, जिसके लिए ₹53,428 करोड़ का प्रावधान है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 3.20 करोड़ लाभार्थियों को फायदा मिलेगा।
सबसे बड़ा बदलाव दिव्यांगजन पेंशन में हुआ है: न्यूनतम दिव्यांगता सीमा 80% से घटाकर 40% कर दी गई है और न्यूनतम आयु की शर्त समाप्त — अब जन्म से ही दिव्यांग बच्चे पात्र होंगे। राशि भी बढ़ी है: 0-79 वर्ष के लिए ₹375/माह और 80+ के लिए ₹625/माह। विस्तृत दिशा-निर्देश तीन महीने में जारी होंगे।
मुख्य बातें
- नाम बदला: NSAP अब प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना कहलाएगा।
- दिव्यांग पेंशन का दायरा बढ़ा: सीमा 80% से घटकर 40% दिव्यांगता; न्यूनतम आयु की शर्त खत्म।
- राशि बढ़ी: 0-79 वर्ष के लिए ₹375/माह, 80+ के लिए ₹625/माह।
- ₹53,428 करोड़ का प्रावधान: 2026-27 से 2030-31 तक योजना जारी; 3.20 करोड़ लाभार्थी कवर होंगे।
- उप-योजनाओं के नए नाम: वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांगता पेंशन अब प्रधानमंत्री वृद्धावस्था/विधवा/दिव्यांगजन पेंशन योजना कहलाएंगी; परिवार लाभ योजना अब प्रधानमंत्री पारिवारिक लाभ योजना होगी।
योजना क्या है
इसकी शुरुआत 1995 में गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता देने के लिए हुई थी, जिसमें केंद्र सरकार शत-प्रतिशत वित्तीय मदद देती है। इसके तहत वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांगजन पेंशन के साथ पारिवारिक लाभ योजना चलती है। वृद्धावस्था, विधवा पेंशन और पारिवारिक लाभ योजना पुरानी व्यवस्था के अनुसार ही जारी रहेंगी।
| योजना | राज्य | राशि | उम्र सीमा | आय सीमा | आधिकारिक वेबसाइट |
|---|---|---|---|---|---|
| प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन | 36 राज्य/UT | 0-79: ₹375/माह; 80+: ₹625/माह | जन्म से | बीपीएल परिवार | nsap.nic.in |
पात्रता
- दिव्यांगजन पेंशन: दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुरूप 40% या अधिक दिव्यांगता; उम्र की कोई न्यूनतम शर्त नहीं।
- गरीब परिवार का सदस्य हो और किसी अन्य समान सरकारी पेंशन का लाभ न ले रहा हो।
- वृद्धावस्था, विधवा पेंशन और पारिवारिक लाभ में पुरानी पात्रता यथावत रहेगी।
अपात्रता
- जिनकी दिव्यांगता 40% से कम है, वे दिव्यांगजन पेंशन के पात्र नहीं होंगे।
- गलत या फर्जी दस्तावेज देने वालों का आवेदन निरस्त होगा।
- एक ही व्यक्ति एक साथ एक से अधिक सरकारी पेंशन का लाभ नहीं ले सकता।
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड, बैंक खाता (आधार लिंक, NPCI मैपिंग सक्रिय)
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र (UDID कार्ड — 40% या अधिक दिव्यांगता का उल्लेख)
- आयु/जन्म प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र
- बीपीएल प्रमाण, पासपोर्ट फोटो, मोबाइल नंबर
आवेदन कैसे करें — स्टेप बाय स्टेप
| तरीका | कहां करें | क्या चाहिए |
|---|---|---|
| ऑनलाइन | nsap.nic.in या राज्य पेंशन पोर्टल पर | आधार, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, बैंक खाता |
| ऑफलाइन | जिला/ब्लॉक समाज कल्याण कार्यालय, CSC केंद्र | दस्तावेजों की फोटोकॉपी, भरा फॉर्म |
| e-KYC | पेंशन पोर्टल/बैंक में | आधार से लिंक मोबाइल (OTP हेतु) |
पेंशन का स्टेटस कैसे चेक करें
- NSAP या राज्य समाज कल्याण पोर्टल पर आवेदन/आधार नंबर से पेमेंट स्टेटस देखें।
- किस्त न आई हो तो बैंक खाते का DBT और NPCI मैपिंग स्टेटस जांचें और e-KYC पूरा करें।
- नाम बदलने पर दोबारा आवेदन की जरूरत नहीं; आधिकारिक निर्देश जरूर देखें।
नियम तोड़ने के नतीजे
- गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेज से पेंशन लेने पर आवेदन निरस्त होगा और गलत तरीके से ली गई राशि की वसूली हो सकती है।
- सही जानकारी ही लाभ जारी रखेगी — बदलाव की सूचना विभाग को तुरंत दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: क्या पुरानी पेंशन बंद हो जाएगी?
नहीं। सिर्फ नाम बदले गए हैं और बजट 2031 तक बढ़ाया गया है। पात्र लाभार्थियों की पेंशन पहले की तरह जारी रहेगी।
प्रश्न 2: 40% दिव्यांगता वालों को लाभ कब से मिलेगा?
सरकार तीन महीने में दिशा-निर्देश जारी करेगी; उसके बाद राज्य पोर्टल के अनुसार प्रक्रिया शुरू होगी।
प्रश्न 3: क्या दोबारा आवेदन करना होगा?
नहीं। नाम बदलने की वजह से दोबारा आवेदन की जरूरत नहीं है। जरूरी निर्णय से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन जरूर देखें।
प्रश्न 4: किस्त खाते में न आए तो क्या करें?
बैंक खाते का DBT और आधार सीडिंग स्टेटस जांचें, e-KYC पूरा करें, फिर NSAP या राज्य पेंशन पोर्टल पर पेमेंट स्टेटस देखें।
प्रश्न 5: जन्म से दिव्यांग बच्चे का आवेदन कैसे होगा?
न्यूनतम आयु की शर्त खत्म — जन्म से आवेदन संभव है। जन्म प्रमाण पत्र और दिव्यांगता प्रमाण पत्र के साथ राज्य समाज कल्याण विभाग में आवेदन करें।
यह फैसला करोड़ों गरीब परिवारों के लिए राहत लेकर आया है — खासकर उन दिव्यांगजनों के लिए जो अब तक 80% की सख्त शर्त की वजह से पेंशन से बाहर थे। सही दस्तावेज तैयार रखें और राज्य के समाज कल्याण विभाग की आधिकारिक जानकारी पर नजर बनाए रखें।
स्रोत: मूल खबर