बिहार के किसानों के लिए कृषि यांत्रिकीकरण योजना को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। योजना की समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि योजना का क्रियान्वयन पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध हो। नए नियम के तहत कृषि यांत्रिकीकरण योजना 2026-27 के सत्यापित आवेदनों की सूची अब आधिकारिक कृषि पोर्टल के साथ-साथ संयुक्त कृषि भवन परिसर, प्रखंड कार्यालय परिसर और पंचायत कृषि भवन परिसर में भी सार्वजनिक रूप से लगाई जाएगी। किसान अब अपने नजदीकी पंचायत भवन की सूची में ही अपना नाम देख सकेंगे।
🚨 जरूरी सूचना: कृषि यंत्र पर अनुदान खरीद से पहले नहीं मिलता। स्वीकृति पत्र मिलने के बाद किसान को पहले यंत्र का पूरा भुगतान करके खरीद करनी होगी, इसके बाद सत्यापन पूरा होने पर अनुदान राशि DBT से सीधे पंजीकृत बैंक खाते में भेजी जाएगी। स्वीकृति पत्र से पहले खरीदा गया यंत्र अनुदान के दायरे में नहीं आएगा।
मुख्य बातें
- पारदर्शी सूची: सत्यापित आवेदनों की सूची आधिकारिक कृषि पोर्टल और पंचायत कृषि भवनों में सार्वजनिक रूप से लगाई जाएगी।
- यंत्रों पर अनुदान: आधुनिक कृषि यंत्रों जैसे रोटावेटर, पावर टिलर, थ्रेशर और सीड ड्रिल पर सरकार अनुदान देती है।
- DBT भुगतान: अनुदान राशि किसान के पंजीकृत बैंक खाते में सीधे DBT के माध्यम से भेजी जाती है।
- नए घटक: कस्टम हायरिंग सेंटर, फार्म मशीनरी बैंक और किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना पर भी जोर दिया गया है।
- समयबद्ध क्रियान्वयन: कृषि मंत्री ने निर्देश दिया है कि किसी भी स्तर पर किसानों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
योजना का विवरण
| योजना | बिहार कृषि यांत्रिकीकरण योजना 2026-27 |
| राज्य | बिहार |
| राशि | चयनित कृषि यंत्रों पर अनुदान (DBT से बैंक खाते में) |
| उम्र सीमा | घोषित नहीं (किसान होना आवश्यक) |
| आय सीमा | घोषित नहीं |
| आधिकारिक वेबसाइट | dbtagriculture.bihar.gov.in |
योजना क्या है
इस योजना का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र सुलभ कराना है, ताकि खेती की लागत कम हो और काम समय पर पूरे हों। रोटावेटर, कल्टीवेटर, पावर टिलर, थ्रेशर, सीड ड्रिल, लेजर लैंड लेवलर जैसे यंत्रों पर अनुदान मिलता है। अनुदान की दर यंत्र और किसान की श्रेणी पर निर्भर करती है, छोटे और सीमांत किसानों को अधिक अनुदान का प्रावधान है। कस्टम हायरिंग सेंटर और फार्म मशीनरी बैंक से वे किसान किराए पर मशीनरी ले सकेंगे जो खुद यंत्र नहीं खरीद सकते। नया बदलाव पारदर्शिता पर केंद्रित है: चयनितों की सूची अब पोर्टल, कृषि भवन और पंचायत कृषि भवन परिसर, तीनों स्तरों पर मिलेगी।
पात्रता
- आवेदक बिहार का स्थायी निवासी किसान होना चाहिए।
- आवेदक के नाम पर कृषि भूमि का वैध रिकॉर्ड होना चाहिए।
- पहले से समान यंत्र पर अनुदान न लिया हो।
- बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए, क्योंकि अनुदान DBT से आएगा।
अपात्रता
- बिहार के गैर-निवासी किसान योजना का लाभ नहीं ले सकते।
- उसी श्रेणी के यंत्र पर पहले अनुदान ले चुके किसान दोबारा पात्र नहीं होंगे।
- गलत दस्तावेज देने वाले आवेदक अपात्र होंगे।
- बिना स्वीकृति पत्र के यंत्र खरीदने पर अनुदान नहीं मिलेगा।
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड और आधार से लिंक मोबाइल नंबर।
- बिहार का निवास प्रमाण पत्र।
- भूमि के कागजात (खतौनी या रजिस्ट्री)।
- बैंक पासबुक या रद्द चेक।
- जाति प्रमाण पत्र (आरक्षित श्रेणी के लिए)।
- पासपोर्ट साइज फोटो और अधिकृत डीलर का कोटेशन।
आवेदन की प्रक्रिया
| तरीका | कहां करें | क्या चाहिए |
| किसान पंजीकरण | dbtagriculture.bihar.gov.in पर | आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक विवरण |
| योजना और यंत्र चुनें | पोर्टल की स्वीकृत यंत्र सूची से | अधिकृत डीलर का कोटेशन |
| ऑनलाइन आवेदन | पोर्टल पर फॉर्म भरें | सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें |
| यंत्र खरीदें | अधिकृत डीलर से, स्वीकृति पत्र के बाद | बिल और फोटो पोर्टल पर अपलोड करें |
| अनुदान प्राप्त करें | बैंक खाते में DBT से | अंतिम सत्यापन के बाद राशि सीधे खाते में |
चयनित सूची और स्टेटस कैसे चेक करें
सत्यापित आवेदनों की सूची आधिकारिक पोर्टल dbtagriculture.bihar.gov.in पर प्रदर्शित की जाएगी। इसके साथ ही यह सूची संयुक्त कृषि भवन परिसर, प्रखंड कार्यालय परिसर और पंचायत कृषि भवन परिसर में भी लगाई जाएगी। किसान अपने पंचायत भवन जाकर नोटिस बोर्ड पर सूची में अपना नाम देख सकते हैं। पोर्टल पर आवेदन संख्या या पंजीकृत मोबाइल नंबर से भी स्थिति जांची जा सकती है।
नियम तोड़ने के नतीजे
- गलत दस्तावेज: फर्जी दस्तावेज पाए जाने पर आवेदन तुरंत रद्द हो सकता है।
- अनुदान की वापसी: गलत तरीके से प्राप्त अनुदान राशि सरकार वापस मांग सकती है।
- कानूनी कार्रवाई: धोखाधड़ी साबित होने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
- भविष्य में रोक: नियम तोड़ने वाले किसान भविष्य में योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: चयनित आवेदकों की सूची कहां देख सकते हैं?
उत्तर: आधिकारिक पोर्टल dbtagriculture.bihar.gov.in, संयुक्त कृषि भवन परिसर, प्रखंड कार्यालय परिसर और पंचायत कृषि भवन परिसर में।
प्रश्न 2: कृषि यंत्रों पर अनुदान कैसे मिलेगा?
उत्तर: स्वीकृति पत्र के बाद किसान पहले यंत्र का पूरा भुगतान करके खरीद करेगा, फिर सत्यापन पूरा होने पर अनुदान राशि DBT से पंजीकृत बैंक खाते में भेजी जाएगी।
प्रश्न 3: आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए?
उत्तर: आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, भूमि के कागजात, बैंक पासबुक, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), फोटो और डीलर का कोटेशन आवश्यक है।
निष्कर्ष
यह बदलाव योजना को पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। अगर आप बिहार के किसान हैं, तो dbtagriculture.bihar.gov.in पर पंजीकरण करें और पंचायत भवन की सूची में अपना नाम जरूर जांचें।
स्रोत: मूल खबर