PM Vishwakarma Yojana Status 2026-27: प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना केंद्र सरकार की वह योजना है जो बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्ज़ी, नाई जैसे पारंपरिक कारीगरों को पहचान, प्रशिक्षण, औज़ार और सस्ता कर्ज़ दिलाने के लिए बनी है। योजना 17 सितंबर 2023 को शुरू हुई थी और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) इसे चलाता है।
हाल की ख़बर यह है कि योजना ने सितंबर 2026 में तीन साल पूरे किए और 30 लाख लाभार्थियों के पंजीकरण का लक्ष्य पूरा होने की घोषणा हुई। 17 सितंबर को कोलकाता में तीसरी वर्षगाँठ का कार्यक्रम हुआ, जिसमें MSME मंत्री जीतन राम मांझी ने आँकड़े रखे।
अगर आप कारीगर हैं और सोच रहे हैं कि आवेदन करना चाहिए या नहीं, तो ये आँकड़े आपके काम के हैं। वजह यह है कि पंजीकरण, प्रशिक्षण, टूलकिट और लोन के आँकड़े काफ़ी अलग-अलग हैं। नीचे सब कुछ एक-एक करके समझाया है।
सीधा जवाब
योजना में पात्र कारीगरों को प्रमाण-पत्र और पहचान पत्र, 5-7 दिन का बेसिक प्रशिक्षण (₹500 रोज़ का स्टाइपेंड), ₹15,000 तक का टूलकिट प्रोत्साहन और दो चरणों में ₹3 लाख तक का बिना गारंटी का लोन मिल सकता है। लोन 5% सालाना ब्याज पर है और चुकाना पड़ता है। ₹3 लाख मुफ़्त नहीं हैं, और सबको पूरी राशि नहीं मिलती।
ताज़ा अपडेट: क्या बताया गया है
PIB की सामग्री पर आधारित रिपोर्टों के अनुसार योजना 30 लाख पंजीकरण का लक्ष्य पूरा कर चुकी है और 15 सितंबर 2026 तक 24.37 लाख से ज़्यादा कारीगरों को बेसिक प्रशिक्षण और 18.16 लाख से ज़्यादा को टूलकिट मिल चुके थे। वहीं MSME मंत्री के अनुसार 6.18 लाख विश्वकर्माओं को ₹1 लाख तक का लोन मिला है, जिसकी कुल राशि ₹5,297 करोड़ है। gktodaypunjabkesari
कुछ और बातें जो इन आँकड़ों से निकलती हैं:
- पंजीकरण से लोन तक का फ़ासला। 30 लाख पंजीकृत लोगों में से लगभग 82% ने बेसिक प्रशिक्षण लिया, करीब 60% तक टूलकिट पहुँचा और करीब 20% को लोन मिला। यह मेरी अपनी गणना है, सरकारी प्रतिशत नहीं। यानी पंजीकरण का मतलब लोन मिलना नहीं है।
- औसत लोन। ₹5,297 करोड़ को 6.18 लाख से भाग देने पर औसत लोन लगभग ₹85,700 बैठता है। यह भी मेरी गणना है, आधिकारिक आँकड़ा नहीं।
- बजट। योजना का कुल परिव्यय ₹13,000 करोड़ है, जो वित्त वर्ष 2023-24 से 2027-28 के लिए है। gktoday
- डिजिटल प्रोत्साहन और बाज़ार। रिपोर्टों के अनुसार 8.11 लाख से ज़्यादा लाभार्थियों को डिजिटल प्रोत्साहन मिला, जिसमें ₹42 करोड़ से ज़्यादा बँटे, और 30,000 से ज़्यादा लाभार्थी GeM, ONDC, Meesho जैसे प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े। gktoday
- पश्चिम बंगाल। राज्य सरकार ने योजना को मई 2026 में अपनाया। मंत्रालय के अनुसार वहाँ अब तक 3,000 लोगों का तीन चरणों का सत्यापन पूरा हुआ है। यानी राज्यों में योजना की रफ़्तार अलग-अलग है। psuconnect
क्या अब भी नया पंजीकरण हो सकता है?
यह सबसे ज़रूरी सवाल है और इसका पक्का जवाब मुझे किसी आधिकारिक स्रोत में नहीं मिला। 30 लाख का लक्ष्य पूरा होने की घोषणा हुई है, पर यह कहीं नहीं मिला कि अब नए पंजीकरण बंद हैं या खुले हैं। एक निजी वेबसाइट लिखती है कि पंजीकरण 31 मार्च 2028 तक खुले हैं, पर मैं इसे आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं कर पाया। इतना ज़रूर पक्का है कि योजना की अवधि वित्त वर्ष 2027-28 तक है। आवेदन के लिए जाने से पहले अपने नज़दीकी CSC या पोर्टल पर पूछ लें कि आपके राज्य में पंजीकरण खुला है या नहीं।
योजना में क्या-क्या मिलता है
योजना के दिशानिर्देशों में ये लाभ बताए गए हैं:
- प्रमाण-पत्र और पहचान पत्र: तीन चरणों का सत्यापन पूरा होने पर पीएम विश्वकर्मा प्रमाण-पत्र और ID कार्ड।
- प्रशिक्षण: बेसिक प्रशिक्षण 5 से 7 दिन का होता है, और एडवांस प्रशिक्षण 15 दिन या उससे ज़्यादा का। दोनों में ₹500 प्रतिदिन का स्टाइपेंड मिलता है।
- टूलकिट: ₹15,000 तक का प्रोत्साहन। योजना की जानकारी में इसे ई-वाउचर बताया गया है, जबकि मंत्रालय के अनुसार टूलकिट इंडिया पोस्ट से पहुँचाए गए हैं।
- लोन: पहले चरण में ₹1 लाख और दूसरे चरण में ₹2 लाख, बिना गारंटी, 5% सालाना ब्याज पर।
- डिजिटल लेनदेन: दिशानिर्देशों के अनुसार प्रति डिजिटल लेनदेन ₹1 का प्रोत्साहन, अधिकतम 100 लेनदेन प्रति माह।
- मार्केटिंग सहायता: ब्रांडिंग, ई-कॉमर्स से जुड़ाव और प्रदर्शनियों में भागीदारी।
लोन कैसे काम करता है
लोन दो हिस्सों में आता है। दिशानिर्देशों के अनुसार पहला चरण ₹1 लाख तक का है और 18 महीने में चुकाना होता है। दूसरा चरण ₹2 लाख तक का है और 30 महीने में चुकाना होता है।
पहले लोन के लिए बेसिक प्रशिक्षण पूरा होना ज़रूरी है। दूसरे लोन के लिए पहला लोन नियमित चुकाना और डिजिटल लेनदेन अपनाना, या एडवांस प्रशिक्षण पूरा करना जैसी शर्तें हैं। आख़िरी फ़ैसला बैंक या ऋणदाता संस्था का रहता है।
अब तक जो आँकड़े सामने आए हैं, वे सब पहले चरण के ₹1 लाख तक के लोन के हैं। दूसरे चरण में कितने लोगों को ₹2 लाख मिला, इसका कोई आधिकारिक आँकड़ा मुझे नहीं मिला।
एक उदाहरण (सिर्फ समझाने के लिए)
यह आधिकारिक आँकड़ा नहीं है। मान लीजिए आपको ₹1 लाख का पहला लोन मिलता है, 5% सालाना ब्याज पर, 18 महीने के लिए। बराबर मासिक किस्त (EMI) के हिसाब से किस्त लगभग ₹5,780 बैठेगी और कुल ब्याज लगभग ₹4,000। बैंक की गणना की पद्धति या प्रोसेसिंग शर्तों से यह थोड़ा अलग हो सकता है, इसलिए बैंक से किस्त का चार्ट लिखित में लें।
कौन पात्र है
पात्रता की जो शर्तें अलग-अलग स्रोतों और योजना की जानकारी में एक जैसी दिखती हैं, वे ये हैं:
- उम्र कम से कम 18 साल।
- योजना में शामिल 18 पारंपरिक व्यवसायों में से किसी एक में हाथ और औज़ार से काम करने वाला कारीगर। vajiramandravi
- पंजीकरण के समय उस व्यवसाय में सक्रिय और असंगठित क्षेत्र में स्वरोज़गार करने वाला।
- एक परिवार से सिर्फ एक सदस्य।
- सरकारी कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य पात्र नहीं।
- पिछले पाँच साल में PMEGP, PM SVANidhi या मुद्रा जैसे समान लोन का लाभ न लिया हो। इसके अपवाद और चुकाने की स्थिति की जाँच के नियम आधिकारिक दिशानिर्देशों में देखें।
पारंपरिक कारीगरों के लिए शैक्षणिक प्रमाण-पत्र की ज़रूरत नहीं बताई गई है, पर इसकी पुष्टि भी CSC पर कर लें।
18 व्यवसाय
बढ़ई, नाव बनाने वाला, शस्त्र निर्माता, लोहार, हथौड़ा और टूलकिट निर्माता, ताला बनाने वाला, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार और पत्थर तराशने वाला, मोची, राजमिस्त्री, टोकरी/चटाई/झाड़ू बनाने वाला, पारंपरिक गुड़िया और खिलौने बनाने वाला, नाई, माला बनाने वाला, धोबी, दर्ज़ी और मछली पकड़ने का जाल बनाने वाला।
सिर्फ किसी व्यवसाय से जुड़े होना काफ़ी नहीं है, आपको उसमें सक्रिय रूप से काम करना होता है।
आवेदन कैसे करें
पंजीकरण कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के ज़रिए होता है।
- अपने नज़दीकी CSC पर जाएँ और पीएम विश्वकर्मा में पंजीकरण के लिए कहें।
- आधार आधारित सत्यापन (ज़रूरत पड़ने पर बायोमेट्रिक) कराएँ।
- नाम, पता, बैंक विवरण और अपना असली व्यवसाय सही चुनकर फ़ॉर्म भरें।
- आवेदन जमा करें और पावती या आवेदन संख्या सुरक्षित रखें।
- सत्यापन का इंतज़ार करें। पंजीकरण से पहले तीन चरणों का सत्यापन होता है, जिसमें ग्राम पंचायत या शहरी स्थानीय निकाय और सरकारी अधिकारी शामिल हैं। इसके बाद प्रमाण-पत्र और ID कार्ड मिलते हैं। newsonair
- फिर प्रशिक्षण, टूलकिट और लोन की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
पंजीकरण निःशुल्क है। किसी से भी पंजीकरण के नाम पर पैसे न दें।
जो दस्तावेज़ आम तौर पर लगते हैं: आधार, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर, बैंक खाते का विवरण और राशन कार्ड। राशन कार्ड न हो तो परिवार के सदस्यों के आधार लग सकते हैं। यह सूची योजना की जानकारी पर आधारित है, इसलिए CSC से अंतिम पुष्टि कर लें।
स्टेटस कैसे देखें: आवेदन की स्थिति के लिए आधिकारिक पोर्टल pmvishwakarma.gov.in पर देखें या जिस CSC से आवेदन किया था वहाँ पूछें। मेरे जाँच के समय पोर्टल मेरे ऑटोमेटेड एक्सेस के लिए खुला नहीं था, इसलिए उसके मौजूदा विकल्पों की पुष्टि मैं नहीं कर पाया।
आम गलतियाँ
- ₹3 लाख को मुफ़्त पैसा समझना। यह 5% ब्याज वाला लोन है जिसे चुकाना होता है।
- सोचना कि पंजीकरण के बाद लोन पक्का है। आँकड़े दिखाते हैं कि लोन तक पहुँचने वाले पंजीकृत लोगों के पाँचवें हिस्से के आसपास हैं। आख़िरी फ़ैसला बैंक का है।
- गलत व्यवसाय चुनना। अपना असली काम ही चुनें, जो 18 की सूची में हो।
- परिवार के कई सदस्यों का पंजीकरण। एक परिवार से एक ही सदस्य को अनुमति है।
- पुराने लोन की बात छुपाना। PMEGP, SVANidhi या मुद्रा का लोन पिछले पाँच साल में लिया हो तो पहले नियम जाँच लें।
- फर्ज़ी साइटों या एजेंटों पर भरोसा। OTP, बैंक PIN या कोई गोपनीय जानकारी किसी को न दें।
अभी क्या करें
- अपना काम 18 व्यवसायों की सूची से मिलाएँ और परिवार में किसी का पंजीकरण पहले से हुआ है या नहीं, यह जाँचें।
- पिछले पाँच साल में लिए गए सरकारी स्वरोज़गार लोन का हिसाब देख लें।
- आधार, आधार से जुड़ा मोबाइल, बैंक पासबुक और राशन कार्ड तैयार रखें।
- नज़दीकी CSC पर जाकर पूछें कि आपके राज्य में नया पंजीकरण खुला है या नहीं।
- पंजीकरण हो जाए तो प्रशिक्षण पूरा करना न भूलें। टूलकिट और लोन की शर्तें उसी से जुड़ी हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पीएम विश्वकर्मा योजना में कुल कितना पैसा मिलता है?
₹15,000 तक का टूलकिट प्रोत्साहन, प्रशिक्षण के दौरान ₹500 रोज़ और दो चरणों में ₹3 लाख तक का लोन। हर लाभ की अलग शर्तें हैं और लोन चुकाना पड़ता है।
क्या ₹3 लाख एक साथ मिल जाते हैं?
नहीं। पहले चरण में ₹1 लाख तक और पात्रता पूरी होने पर दूसरे चरण में ₹2 लाख तक।
लोन पर कितना ब्याज लगता है?
लाभार्थी के लिए 5% सालाना।
क्या गारंटी या गिरवी चाहिए?
नहीं, लोन बिना गारंटी का है। फिर भी बैंक की प्रक्रिया और मंज़ूरी लागू रहती है।
क्या पंजीकरण के लिए शुल्क देना पड़ता है?
नहीं। पंजीकरण निःशुल्क है।
क्या दर्ज़ी और बढ़ई पात्र हैं?
हाँ, दोनों 18 व्यवसायों में शामिल हैं, बशर्ते बाकी शर्तें पूरी हों।
क्या परिवार के सभी सदस्य आवेदन कर सकते हैं?
नहीं, एक परिवार से एक ही सदस्य।
आवेदन की अंतिम तारीख क्या है?
मुझे कोई आधिकारिक अंतिम तारीख नहीं मिली। योजना की अवधि वित्त वर्ष 2027-28 तक है। नए पंजीकरण की ताज़ा स्थिति CSC या पोर्टल पर देखें।
पीएम विश्वकर्मा योजना पारंपरिक कारीगरों के लिए एक असली मौका है, खासकर प्रशिक्षण और औज़ारों के मामले में। तीन साल के आँकड़े बताते हैं कि प्रशिक्षण और टूलकिट काफ़ी लोगों तक पहुँचे हैं, जबकि लोन तक पहुँच अपेक्षाकृत कम रही है। इसलिए योजना से अपेक्षा सोच-समझकर रखें, पात्रता पहले जाँचें और सिर्फ़ आधिकारिक रास्तों से आवेदन करें।
स्रोत
- आकाशवाणी (Newsonair), योजना के तीन साल पर, 17 सितंबर 2026: https://newsonair.gov.in/pm-vishwakarma-scheme-completes-three-years-with-30-lakh-beneficiaries-registered/
- IANS via Punjab Kesari, MSME मंत्री का बयान, 18 सितंबर 2026: https://english.punjabkesari.com/india/30-lakh-beneficiaries-registered-under-pm-vishwakarma-scheme-minister
- GKToday, PIB की बैकग्राउंडर पर आधारित (द्वितीयक): https://www.gktoday.in/pm-vishwakarma-scheme-completes-three-years-with-30-lakh-registrations/
- PSU Connect, PIB की 16 सितंबर 2026 की विज्ञप्ति पर आधारित (द्वितीयक): https://www.psuconnect.in/ministry-of-india-news/pm-vishwakarma-scheme-completes-three-years-with-30-lakh-registrations
- Lapaas Voice, ₹13,000 करोड़ परिव्यय और लोन के आँकड़ों पर (द्वितीयक): https://lapaasvoice.com/pm-vishwakarma-30-lakh-artisans
- Vajiram & Ravi, पात्रता शर्तों पर (द्वितीयक): https://vajiramandravi.com/current-affairs/pm-vishwakarma-scheme-eligibility/
- योजना के दिशानिर्देश और पोर्टल (pmvishwakarma.gov.in, MyScheme, DCMSME): लाभ, लोन की शर्तें और दस्तावेज़ों के लिए आपके द्वारा दिए गए लेख में दिए गए लिंक के आधार पर। मैं पोर्टल को सीधे नहीं खोल पाया, इसलिए इन विवरणों को प्रकाशन से पहले आधिकारिक पेज से मिला लें।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है और इसे किसी सरकारी विभाग, बैंक या वित्तीय सलाहकार की आधिकारिक सलाह नहीं माना जाए। योजना की राशि, पात्रता, पंजीकरण की स्थिति और लोन की शर्तें समय-समय पर बदल सकती हैं, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल, योजना के दिशानिर्देशों और अपने नज़दीकी CSC से ताज़ा जानकारी की पुष्टि ज़रूर करें। लोन की मंज़ूरी पूरी तरह संबंधित बैंक या ऋणदाता संस्था के नियमों पर निर्भर है। इस वेबसाइट का किसी सरकारी संस्था से कोई संबंध नहीं है, और पंजीकरण या लोन के नाम पर किसी एजेंट या निजी वेबसाइट को पैसे न दें।