पूर्णिया (बिहार)। बचपन से एक पैर से दिव्यांग पूर्णिया के आदर्श नगर की ज्योति कुमारी ने 9वीं के बाद पढ़ाई छोड़ने का मन बना लिया था। लेकिन बिहार सरकार की संबल योजना से मिली एक ट्राईसाइकिल ने उनकी जिंदगी बदल दी। करीब दो साल पहले पूर्णिया के बुनियाद केंद्र से मिली इस ट्राईसाइकिल के सहारे ज्योति आज महिला कॉलेज जाती हैं, ट्यूशन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करती हैं और बीए थर्ड ईयर की छात्रा हैं। उनका सपना है पढ़-लिखकर बड़ा अधिकारी बनना और देश की सेवा करना। यह कहानी 15 अक्टूबर 2026 को News18 (Local18) की रिपोर्ट में सामने आई थी।
जरूरी सूचना: यह लेख सार्वजनिक रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। आवेदन करने से पहले online.bih.nic.in या अपने जिले के दिव्यांगजन सशक्तिकरण कार्यालय से जानकारी की पुष्टि जरूर करें।
मुख्य बातें
- योजना का नाम: मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजना, जिसे संबल योजना के नाम से जाना जाता है — यह बिहार सरकार की योजना है।
- किसके लिए: बिहार के वे निवासी जिनकी दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक है और जिनके पास वैध दिव्यांगता प्रमाणपत्र है।
- मुख्य लाभ: ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, हियरिंग एड, बैसाखी और कैलिपर्स जैसे सहायक उपकरण; कॉलेज-यूनिवर्सिटी के छात्रों और रोजगार करने वालों को बैटरी चालित ट्राईसाइकिल; रिपोर्टों के अनुसार स्वरोजगार के लिए कम ब्याज पर ऋण भी मिलता है।
- आवेदन: online.bih.nic.in पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के माध्यम से।
- ताजा प्रेरणा: पूर्णिया की ज्योति कुमारी को बुनियाद केंद्र से ट्राईसाइकिल मिली — आज वे बीए थर्ड ईयर में पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं।
योजना का विवरण
| योजना | राज्य | राशि | उम्र सीमा | आय सीमा | आधिकारिक वेबसाइट |
|---|---|---|---|---|---|
| मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजना (संबल) | बिहार | स्वरोजगार हेतु ₹2 लाख तक कम ब्याज ऋण (रिपोर्ट) | ऋण हेतु 18-60 वर्ष (रिपोर्ट) | आधिकारिक पोर्टल पर जांचें | online.bih.nic.in |
योजना क्या है
संबल योजना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राज्य के दिव्यांगजनों के लिए शुरू की गई योजना है। इसका उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों को शैक्षिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है; लाभार्थियों को कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण निःशुल्क दिए जाते हैं। गयाजी के खिजरसराय स्थित बुनियाद केंद्र में सितंबर 2026 में 25 दिव्यांगजनों को और छपरा के बुनियाद केंद्र सदर से 30 दिव्यांगों को बैटरी/मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल बांटी गई थी।
पात्रता
- आवेदक बिहार राज्य का स्थायी निवासी हो।
- दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक हो।
- वैध दिव्यांगता प्रमाणपत्र मौजूद हो।
- बैटरी चालित ट्राईसाइकिल के लिए: आवेदक कॉलेज या यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहा हो या रोजगार करता हो, और कॉलेज/रोजगार स्थल की दूरी 3 किलोमीटर या उससे अधिक हो।
अपात्रता
- जो बिहार के निवासी नहीं हैं, वे इस योजना का लाभ नहीं ले सकते।
- जिनकी दिव्यांगता 40 प्रतिशत से कम है।
- जिनके पास वैध दिव्यांगता प्रमाणपत्र नहीं है।
- बैटरी ट्राईसाइकिल श्रेणी में 3 किलोमीटर की दूरी वाली शर्त पूरी न करने वाले।
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- वैध दिव्यांगता प्रमाणपत्र
- बैंक खाते का विवरण
- मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी
- आय प्रमाणपत्र (रिपोर्टों के अनुसार आवेदन में मांगा जाता है)
आवेदन कैसे करें (step-by-step)
| तरीका | कहां करें | क्या चाहिए |
|---|---|---|
| ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन | online.bih.nic.in | नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, दिव्यांगता की श्रेणी, आधार नंबर, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर |
| फॉर्म भरें | पोर्टल पर | बताएं कि आप शिक्षा से जुड़े हैं या रोजगार से |
| दस्तावेज दें | पोर्टल पर | ऊपर सूचीबद्ध सभी दस्तावेज |
| खाता बनाएं | पोर्टल पर | अपनी मर्जी का पासवर्ड बनाकर यूजर आईडी और पासवर्ड सुरक्षित रखें |
| जांच के बाद लाभ | जिला कार्यालय / बुनियाद केंद्र | उपकरण का वितरण केंद्र से किया जाता है (ज्योति को बुनियाद केंद्र, पूर्णिया से मिला था) |
आवेदन की स्थिति कैसे जांचें
रजिस्ट्रेशन के बाद मिले यूजर आईडी से पोर्टल पर लॉगिन करके स्थिति देखी जा सकती है; जिले के दिव्यांगजन सशक्तिकरण कार्यालय या नजदीकी बुनियाद केंद्र से भी संपर्क करें।
नियम तोड़ने के नतीजे
फर्जी दस्तावेज या गलत जानकारी पर आवेदन रद्द, मिली सहायता/ऋण की वसूली और कानूनी कार्रवाई हो सकती है। आवेदन से पहले पात्रता शर्तें ध्यान से पढ़ें और सिर्फ सही जानकारी दें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: संबल योजना क्या है?
उत्तर: बिहार सरकार की मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजना, जो दिव्यांगों को सहायक उपकरण, ऋण और रोजगार सहायता देती है।
प्रश्न 2: ट्राईसाइकिल किसे मिलती है?
उत्तर: 40 प्रतिशत या अधिक दिव्यांगता वाले बिहार निवासियों को ट्राईसाइकिल; बैटरी वाली कॉलेज छात्रों/रोजगार वालों को जिनकी दूरी 3 किलोमीटर या अधिक हो।
प्रश्न 3: आवेदन कैसे करें?
उत्तर: online.bih.nic.in पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करें।
प्रश्न 4: क्या यह योजना सिर्फ बिहार के लिए है?
उत्तर: हां, लाभ केवल बिहार के दिव्यांग निवासियों को मिलता है।
प्रश्न 5: अब तक कितनी बैटरी ट्राईसाइकिल बंटीं?
उत्तर: रिपोर्टों के अनुसार 21,185 दिव्यांगों को बैटरी ट्राईसाइकिल मिल चुकी है।
प्रश्न 6: ज्योति कुमारी को क्या मिला?
उत्तर: करीब दो साल पहले बुनियाद केंद्र, पूर्णिया से संबल योजना के तहत ट्राईसाइकिल मिली, जिससे उन्होंने पढ़ाई जारी रखी।
अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल online.bih.nic.in पर जाएं या अपने जिले के दिव्यांगजन सशक्तिकरण कार्यालय से संपर्क करें।
निष्कर्ष: संबल योजना जैसे कदम साबित करते हैं कि सही सहारा मिले तो दिव्यांगता पढ़ाई और सपनों की राह में दीवार नहीं बनती — ज्योति की कहानी इसका जीता-जागता सबूत है।
स्रोत: मूल खबर