उत्तर प्रदेश के किसान परिवारों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत अब किसान के बेटे-बेटियों को पढ़ाई के लिए हर महीने ₹5,000 की मदद मिलेगी। पहले यह राशि ₹3,000 प्रति माह थी — यानी सालाना मदद ₹36,000 से बढ़कर ₹60,000 हो गई है।
31 जुलाई 2026 को राज्य सरकार ने योजना का दायरा बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि ज्यादा पात्र विद्यार्थियों को लाभ मिल सके। अगर आपके माता-पिता किसान या खेतिहर मजदूर हैं और आप उच्च शिक्षा कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है।
⚠️ जरूरी सूचना: यह योजना केवल उत्तर प्रदेश के मूल निवासी किसान परिवारों के मेधावी छात्रों के लिए है। अंक प्रतिशत की शर्त बोर्ड के अनुसार अलग-अलग है — आवेदन से पहले पात्रता ध्यान से पढ़ें।
मुख्य बातें
- राशि बढ़ी: छात्रवृत्ति ₹3,000 से बढ़ाकर ₹5,000 प्रति माह की गई।
- किसके लिए: किसान या पंजीकृत खेतिहर मजदूर के बच्चे, जो UP के मूल निवासी हों।
- अंक की शर्त: 12वीं में 70% (स्टेट बोर्ड) या 85% (CBSE/ICSE) जरूरी।
- ताजा अपडेट: 31 जुलाई 2026 को दायरा बढ़ाकर ज्यादा छात्रों को जोड़ने के निर्देश।
- भुगतान: राशि सीधे छात्र के खाते में DBT से भेजी जाती है।
योजना का संक्षिप्त विवरण
| योजना | मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| राशि | ₹5,000 प्रति माह (पहले ₹3,000) |
| लाभार्थी | किसान/खेतिहर मजदूर परिवार के मेधावी छात्र |
| अंक सीमा | 12वीं में 70% (स्टेट बोर्ड) / 85% (CBSE-ICSE) |
| वेबसाइट | scholarship.up.gov.in |
योजना क्या है
यह उत्तर प्रदेश सरकार की पहल है, जिसका मकसद है कि पैसों की कमी से किसान परिवार के किसी बच्चे की पढ़ाई न रुके। खेती की आमदनी हर महीने एक जैसी नहीं रहती — ऐसे में फीस, किताबें और हॉस्टल का खर्च उठाना मुश्किल हो जाता है। सरकार उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों को हर महीने आर्थिक मदद देती है, जिससे वे फीस और पढ़ाई का खर्च पूरा कर सकें। कृषि पाठ्यक्रमों के साथ अन्य पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी भी शामिल किए जा सकते हैं। सरकार का साफ मकसद है कि आर्थिक तंगी किसी मेधावी छात्र के सपनों के आड़े न आए।
पात्रता: कौन ले सकता है लाभ
- माता-पिता किसान या पंजीकृत खेतिहर मजदूर हों।
- छात्र उत्तर प्रदेश का मूल निवासी हो।
- किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में अध्ययनरत हो।
- 12वीं में 70% अंक (स्टेट बोर्ड) या 85% अंक (CBSE/ICSE) हों।
- योजना की अन्य निर्धारित शर्तें पूरी करता हो।
अपात्रता: किन्हें नहीं मिलेगा लाभ
- जो UP के मूल निवासी नहीं हैं।
- जिनके माता-पिता किसान/खेतिहर मजदूर नहीं हैं।
- जो मान्यता प्राप्त संस्थान में पढ़ नहीं रहे।
- जिन्होंने 12वीं में न्यूनतम अंक प्राप्त नहीं किए।
जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड और UP निवास प्रमाण पत्र
- 12वीं की मार्कशीट
- किसान होने का प्रमाण (खतौनी/किसान पंजीकरण)
- आय प्रमाण पत्र और प्रवेश प्रमाण (फीस रसीद)
- बैंक पासबुक (छात्र के नाम का खाता) और फोटो
आवेदन प्रक्रिया
| चरण 1 | scholarship.up.gov.in पर जाएं |
| चरण 2 | वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) और आधार सत्यापन पूरा करें |
| चरण 3 | सही छात्रवृत्ति श्रेणी चुनकर आवेदन फॉर्म भरें |
| चरण 4 | दस्तावेज अपलोड करें और फॉर्म जमा करें |
| चरण 5 | प्रिंटआउट लेकर अपने संस्थान में जमा करें |
नोट: इस योजना की श्रेणी-विशिष्ट गाइडलाइन के लिए अपने कॉलेज के छात्रवृत्ति प्रभारी या जिला समाज कल्याण अधिकारी से संपर्क करें।
राशि कैसे मिलेगी
राशि DBT के जरिए सीधे छात्र के बैंक खाते में भेजी जाती है। खाता छात्र के अपने नाम का और आधार से लिंक होना चाहिए। सत्यापन पूरा होने के बाद किस्त जारी होती है।
नियम तोड़ने के नतीजे
सरकारी छात्रवृत्ति नियमों के अनुसार गलत या फर्जी जानकारी पर आवेदन रद्द हो सकता है, दी गई राशि की वसूली की जा सकती है और छात्र भविष्य की छात्रवृत्तियों के लिए अयोग्य घोषित हो सकता है। सभी दस्तावेज असली ही लगाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: हर महीने कितनी राशि मिलती है?
उत्तर: ₹5,000 प्रति माह (पहले ₹3,000 थी)।
प्रश्न 2: क्या यह पूरे भारत के लिए है?
उत्तर: नहीं, केवल उत्तर प्रदेश के मूल निवासी किसान परिवारों के लिए।
प्रश्न 3: 12वीं में कितने अंक चाहिए?
उत्तर: स्टेट बोर्ड से 70%, CBSE/ICSE से 85%।
प्रश्न 4: आवेदन कहां करें?
उत्तर: scholarship.up.gov.in पर या अपने कॉलेज के माध्यम से।
प्रश्न 5: पैसा कैसे मिलेगा?
उत्तर: DBT से सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में।
अधिक जानकारी: scholarship.up.gov.in
अंतिम बात: किसान परिवार से हैं और 12वीं में अच्छे अंक हैं, तो ₹5,000 महीना की यह मदद आपकी पढ़ाई का बड़ा सहारा बन सकती है — समय पर आवेदन जरूर करें।
स्रोत: मूल खबर